महिला विद्यालय की छात्राओं की सुरक्षा पर ' जिम्मेदार' मौन... नहीं सुधर रहे अवांछित तत्व, एपी सेन कॉलेज की छात्राएं रोजाना शर्मसार
हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद भी बालिका विद्यालयों के आसपास जाम की समस्या ज्यों की त्यों
लखनऊ, अमृत विचार : हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भी बालिका विद्यालयों के आस-पास जाम की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। उक्त विद्यालयों के आसपास छात्राओं से छेड़खानी की घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही है। मनचले अपनी बदमाशी बदस्तुर जारी रखे हैं। साथ ही कुछ जगहों पर हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने में भी संबंधित कतरा रहे हैं। सवाल यह कि अतिक्रमण हटाने व छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कोरे दावे करने वाले विभागीय अधिकारी हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठे हैं? अफसोसजनक यह कि नगर निगम या पुलिस-प्रशासन ने हाईकोर्ट द्वारा छह फरवरी को की गई संदर्भित टिप्पणी को हवा में उड़ाते दिख रहे हैं। आलम यह भी कि मनचलों द्वारा छात्राओं से छेड़छाड़ की घटनाएं थम नहीं रहीं। पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है, अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर निगम के अधिकारी कान में रूई डाले हुए हैं।
''अमृत विचार'' ने चारबाग स्थित एपी सेन मेमोरियल गर्ल्स पीजी कॉलेज के आस-पास अतिक्रमण से जाम और छात्राओं से छेड़छाड़ की खबरें की खबरें लगातार छापी हैं। महापौर सुषमा खर्कवाल से लेकर क्षेत्रीय पार्षद आशीष कुमार हितैषी से इस बावत रिपोर्टर ने बात भी की थी। लेकिन इस संवेदनशील मुद्दे पर महापौर ने अभी तक उदासीनता ही दिखाई है। कुछ दिन पूर्व कहने के बाद भी अभी तक उन्होंने मौके का मुआयना नहीं किया। क्षेत्रीय पार्षद ने भी इस मुद्दे पर असंवेदनशीलता बरतते दिख रहे हैं। तो क्या हाईकोर्ट का संदर्भित निर्देश फलीभूत नहीं हो पाएगा? इसे अब बेहद गंभीरता से समझना होगा।
फुटपाथ पर लोगों ने पक्के मकान बना कर लिए कब्जे
एपी सेन मेमोरियल पीजी कॉलेज जाने वाले मार्ग पर लोगों ने फुटपाथ पर कब्जे कर पक्के मकान बना लिए हैं। इससे मार्ग संकरा हो गया है। छुट्टी के समय इस मार्ग पर छात्राओं को सड़क से वाहनों के बीच होकर पैदल मुख्य मार्ग तक जाना पड़ता है। जिससे यहां भयंकर जाम लगता है। कॉलेज में अधिकांशत: प्रत्येक रविवार को प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन होता है। अतिक्रमण के कारण जाम से कुछ अभ्यर्थियों की परीक्षा तक छूट जाती है।
गर्ल्स कालेज वाले रास्ते पर पुरुष अर्द्धनग्न होकर करते स्नान
एपी सेन गर्ल्स डिग्री कॉलेज में ही करीब दो हजार छात्राएं अध्ययनरत हैं। कॉलेज जाने के दौरान छात्राओं का सामना सड़क किनारे फुटपाथ पर अर्द्धनग्न स्नान कर रहे लोगों से होता है। ऐसी स्थिति में छात्राएं खुद को असहज महसूस करती हैं। क्षेत्रीय पार्षद आशीष कुमार हितैषी का कहना है कि उन्होंने वहां रह रहे लोगों को पानी की टंकी पर स्नान करने के लिए सख्ती से मना किया है। लेकिन, इसका असर होता नहीं दिख रहा है। वहां अवैध रूप से पक्के घर बनाकर रह रहे लोगों व कुछ मनचले अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं। उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करने से आखिर जिम्मेदार कतरा क्यों रहे हैं।
