Moradabad: मंडल में नहीं पूरा हो सका प्रसव का लक्ष्य, निजी अस्पतालों पर ज्यादा भरोसा
शुभम शर्मा, मुरादाबाद। मंडल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर निर्धारित प्रसव लक्ष्य 2025-26 में अप्रैल से दिसंबर तक पूरा नहीं हो सका। स्वास्थ्य विभाग द्वारा तय 3,03,923 प्रसव के लक्ष्य के सापेक्ष अप्रैल से दिसंबर तक कुल 2,47,737 प्रसव ही किए गए। इस तरह लक्ष्य से 56,186 प्रसव कम रहे। सरकारी स्तर पर बात करें तो संभल में सबसे ज्यादा 21,804 और निजी अस्पतालों में बिजनौर में सर्वाधिक 52,353 प्रसव हुए हैं।
आंकड़ों के अनुसार वर्तमान वित्तीय वर्ष में अप्रैल से दिसंबर के बीच सरकारी अस्पतालों में 76,372 महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया, जबकि निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में यह संख्या 1,71,365 रही। इससे साफ है कि अधिकांश गर्भवती महिलाएं प्रसव के लिए निजी अस्पतालों को प्राथमिकता दे रही हैं। सरकारी अस्पतालों में प्रसव संख्या घटने के पीछे जागरूकता का अभाव एक प्रमुख कारण है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अब भी कई महिलाएं सरकारी योजनाओं, निशुल्क प्रसव सुविधा, जननी सुरक्षा योजना और जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम जैसी सुविधाओं की पूरी जानकारी नहीं रखतीं। परिणामस्वरूप वे निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रही हैं, जहां उन्हें बेहतर सुविधाओं और त्वरित सेवाओं की उम्मीद रहती है।
इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों पर संसाधनों की कमी, स्टाफ की सीमित उपलब्धता और समय पर जांच न हो पाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। इससे भी लोगों का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से कमजोर हुआ है। वहीं निजी अस्पतालों में आधुनिक सुविधाएं, व्यक्तिगत देखभाल और सुविधा अनुसार समय मिलने से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
आंकड़ों पर एक नजर (कहां कितने प्रसव)
जिला सरकारी अस्पताल में प्रसव निजी अस्पताल
अमरोहा 11,300 25,871
बिजनौर 15,202 52,353
मुरादाबाद 12,936 46,986
रामपुर 15,130 27,213
संभल 21,804 18,942
सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि लक्ष्य से पीछे रहने के कारणों की समीक्षा की जा रही है। आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पतालों में प्रसव के लाभों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं को बेहतर भी बनाया जाएगा।
