Moradabad: मंडल भर में ढाई हजार प्रधान नहीं लड़ पाएंगे चुनाव, रिकवरी राशि बकाया, नो-ड्यूज बना बाधा

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर मंडल में सियासी सक्रियता बढ़ गई है। लेकिन इस बार बड़ी संख्या में मौजूदा और पूर्व प्रधान चुनावी मैदान से बाहर हो सकते हैं। मंडल स्तर पर करीब ढाई हजार अधिक और जनपद स्तर पर 380 ग्राम प्रधान पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। बताया जा रहा है कि गांवों के विकास कार्यों की निधि में फर्जीवाड़ा और अनियमितता के मामलों में जिले के करीब 380 ग्राम प्रधानों पर रिकवरी की राशि बकाया है।

मंगलवार को उप निदेशक पंचायत राज ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार जब तक रिकवरी की पूरी धनराशि जमा नहीं की जाती, तब तक संबंधित प्रधानों को तहसील से नो-ड्यूज प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा। इस बार व्यवस्था में एक और बड़ा बदलाव किया गया है। पहले जहां ऑफलाइन प्रक्रिया के तहत नो-ड्यूज प्रमाण पत्र आसानी से प्राप्त हो जाता था, वहीं अब इसे पूरी तरह ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ दिया गया है। 

ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद बकाया रखने वाले प्रधानों के लिए नो-ड्यूज हासिल करना लगभग असंभव हो गया है। नो-ड्यूज प्रमाण पत्र पंचायत चुनाव लड़ने की अनिवार्य शर्त है। ऐसे में जिन प्रधानों पर विकास निधि की रिकवरी लंबित है, वे चुनावी दावेदारी से स्वतः बाहर हो जाएंगे। इस स्थिति ने ग्राम पंचायतों की राजनीति में बड़ा उलटफेर ला दिया है।उन्होंने बताया कि यह कदम पंचायतों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में इसे लेकर चर्चाओं का दौर तेज है और कई संभावित प्रत्याशी अब बकाया जमा कराने की तैयारी में जुट गए हैं।

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