UP Budget 2026-27: महिलाओं को सस्ते दर पर ऋण, आवास और सामाजिक सुरक्षा का विस्तार
लखनऊ, अमृत विचार : वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में महिला सशक्तिकरण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट में 11 प्रतिशत वृद्धि करते हुए कुल ₹18,620 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। सरकार का लक्ष्य महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और वित्तीय भागीदारी को नई ऊंचाई देना है।
सरकार ने महिलाओं को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की घोषणा की है, ताकि वे स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें। स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी। बजट में सफाई कर्मियों और निर्माण श्रमिकों को आवास उपलब्ध कराने की पहल भी शामिल है। इससे शहरी क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिक महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास सुविधा मिलेगी। बजट 2026-27 में महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं का विस्तार करते हुए सरकार ने सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा के दायरे को व्यापक बनाने की स्पष्ट रणनीति पेश की है। यह बजट महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ा
- निराश्रित महिला पेंशन योजना के लिए ₹3,500 करोड़ का प्रावधान।
- 2016-17 में लाभार्थी: 17.32 लाख
- 2025-26 में लाभार्थी: 38.58 लाख से अधिक
- मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ₹400 करोड़ की व्यवस्था।
- कामकाजी महिलाओं के छात्रावास निर्माण हेतु ₹100 करोड़।
- मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास निर्माण योजना के लिए ₹35 करोड़।
बच्चों के संरक्षण और पोषण पर जोर
- उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लिए ₹252 करोड़।
- मुख्यमंत्री बाल आश्रय योजना के तहत भवन निर्माण हेतु ₹80 करोड़।
- अनुपूरक पुष्टाहार कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 1.57 करोड़ लाभार्थियों को पोषण सहायता।
