गोंडा : सगा छोटा भाई निकला बड़े भाई का हत्यारा
पढ़ाई में बाधा बन रहे बड़े भाई की छोटे भाई ने की थी चाकू मारकर हत्या
संवाददाता गोंडा, अमृत विचार: करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के नरायनपुर माझा गांव के मजरा दुल्हिनपुर में 3 फरवरी की रात हुई हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस का दावा है कि सगे छोटे भाई ने ही चाकू मारकर अपने बड़े भाई की हत्या की थी और फिर शोर मचाते हुए अपने गांव के विरोधियों को हत्या जैसे जघन्य मामले में फंसाने की साजिश रची थी। हालांकि जांच पड़ताल के दौरान उसका भेद खुल गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एसपी विनीत जायसवाल ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर इस घटना का खुलासा किया। एसपी ने घटना की सच्चाई सामने लाकर हत्यारे भाई को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार भी देने की घोषणा की।
3 फरवरी की रात को करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के नरायनपुर माझा गांव के मजरा दुल्हिनपुर मे शिवशंकर दूबे नाम से सख्श की चाकू मारकर हत्या कर दी गयी थी। वारदात में उसका छोटा भाई अमरनाथ दूबे भी घायल हुआ था। घटना की सूचना पर पुलिस मे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था और घटना स्थल की गहन जांच पड़ताल की थी। घायल अमरनाथ दूबे ने पुलिस को बताया था कि वह अपने बड़े भाई शिवशंकर दूबे के साथ खेत की सिंचाई करने गया था इसी दौरान उसके गांव के पांच लोगों ने उनपर हमला कर दिया और उसके बड़े भाई का गला चाकू से रेत दिया। पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की थी।
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि वारदात के खुलासे के लिए आईपीएस अधिकारी अभिषेक दवाच्या के नेतृत्व में पांच टीमें लगाई थीं। जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को छोटे भाई अमरनाथ पर शक हुआ तो उससे कड़ाई से पूछताछ की गयी। पुलिस पूछताछ में वह टूट गया और हत्या का जुर्म स्वीकार कर लिया। अमरनाथ ने पुलिस को बताया कि वह यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। उसने दिल्ली में कोचिंग भी की थी लेकिन उसकी पढाई में बड़े भाई शिवशंकर बाधा बन रहे थे। वह अमरनाथ को पढाई छोडकर घर के काम में हाथ बंटाने का दबाव बना रहे थे। जबकि उसे कोचिंग के लिए एक लाख रुपये की जरूरत थी। जब बड़े भाई ने पैसे देने से मना किया तो उसने उनकी हत्या का प्लान तैयार किया। 27 जनवरी को उसने बाजार से चाकू खरीदा और उसकी धार तेज कराई। फिर 3 फरवरी को वह बड़े भाई के साथ खेत की सिंचाई गया। वहां उसने पहले शिव शंकर की आंख में लाल मिर्च का पाउडर झोंका और फिर चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। वारदात में अपने गांव के विरोधियों को फंसाने के लिए उसने खुद को भी चाकू से लहूलुहान किया। इसके बाद शोर मचाते हुए यह आरोप लगाया कि गांव के पांच लोगों ने मिलकर उसके भाई को मार डाला। एसपी ने बताया कि आरोपी अमरनाथ को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जा रहा है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र प्रताप राय, एसएसआई बृजराज प्रसाद, एसओजी प्रभारी गौरव सिंह तोमर , सब इंस्पेक्टर अक्षय कुमार मिश्र, सरफराज खां व मोहम्मद गुफरान, हेड कांस्टेबल दीपक मिश्रा, अरविन्दर सिंह, हिमांशु प्रजापति
बनने निकला था अफसर, बना गया अपने ही भाई का हत्यारा
एसपी विनीत जायसवाल वे बताया कि आरोपी अमरनाथ का लक्ष्य पढ़ लिखकर बड़ा अफसर बनने की थी। गोंडा से हाईस्कूल पास करने के बाद वह इलाहाबाद चला गया जहां उसने इंटर और स्नातक किया। इसके बाद वह यूपीएससी की तैयारी करने दिल्ली चला गया। वहां उसने कुछ दिनों तक कोचिंग भी की लेकिन पैसे के अभाव में वह गांव लौट आया। अमरनाथ ने पुलिस पूछताछ में बचाया कि उसके 6 भाई और चार बहने हैं। बड़ा भाई शिवशंकर दूबे के हाथ घर की बागडोर थी। जब अमरनाथ उनसे पैसे मांगता तो वह इंकार कर देते। इससे अमरनाथ को लगा कि वह पैसे के अभाव में नहीं पढ पायेगा। बड़ा भाई उसे अपनी राह का कांटा नजर लगा और उसने इस कांटे को हटाने के लिए अपने ही सगे बड़े भाई को मार डाला।
प्रेमिका का खर्च भी बना हत्याकांड की वजह
बताया जा रहा है कि आरोपी अमरनाथ का एक युवती से प्रेम प्रसंग भी चल रहा था। वह जैसे तैसे उसका खर्च उठा रहा था लेकिन इस बीच खर्चे बढ़ गए थे। प्रेमिका का खर्च पूरा करने के लिए उसे पैसे की आवश्यकता थी। जब घर से उसे पैसे नहीं मिले तो उसने अपने बड़े भाई की हत्या का प्लान तैयार किया। अमरनाथ ने पुलिस को बताया कि उसे पता था कि उसके बड़े भाई हर वक्त अपने साथ कुछ न कुछ नकदी रखते हैं। जिस दिन वह खेत की सिंचाई करने गए उस दिन भी मृतक शिवशंकर की जेब में 31500 रुपये थे। हत्या के बाद आरोपी अमरनाथ ने वह रूपया निकाल लिया था उसे खेत में ही जमीन के नीचे दबा दिया था। उसने सोचा था कि मामला ठंढा होने पर वह रुपये निकाल लेगा लेकिन इसके पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
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