Bareilly : फायर बिग्रेड को 12 किलोमीटर पहुंचने में लगे दो घंटे, एक गाड़ी में नहीं था पानी, सबमर्सिबल पंप चलाना पड़ा
बरेली, अमृत विचार। आंवला की दूरी राजपुर कलां से मात्र 12 किलोमीटर है। 15 से 20 मिनट में आपातकालीन सेवा मिल सकती थी, लेकिन फायर ब्रिगेड को यहां पहुंचने में दो घंटे लग गए। ग्रामीणों का कहना था कि अगर समय पर फायर ब्रिगेड की टीम आ जाती तो शायद कुछ सामान बचाया सकता था। मौके पर मौजूद लोगों ने फायर बिग्रेड की एक गाड़ी में पानी नहीं होने का भी आरोप लगाया है। गांव वालों का कहना है कि गाड़ी में पानी नहीं होने पर सबमर्सिबल पंप चलाकर पानी का इंतजाम कराया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के करीब दो घंटे बाद फायर ब्रिगेड की 3 गाड़ियां मौके पर पहुंची। इनमें से एक में पानी तक नहीं था। बाद में ग्राम प्रधान अतुल गुप्ता ने अपने सबमर्सिबल से पानी की व्यवस्था कराई। इस दौरान गांव वालों ने नलों, तालाब से पानी लाकर कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक मेडिकल स्टोर, कॉस्मेटिक्स, जूता-चप्पल, कपड़ा और गोदाम का पूरा सामान जल चुका था। साथ ही नीचे बने कमरे में रखा घरेलू सामान, कपड़े, खाने-पीने का सामान तथा लाखों रुपये की नकदी भी आग की भेंट चढ़ गई। वहीं, आग इतनी भयंकर थी कि व्यापारी के मकान में दरारे पड़ गई।
सिलेंडर में भड़कती आग, तो हो सकती थी अनहोनी
आग लगने की वजह अभी तक शार्ट सर्किट ही मानी जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दुकान में पांच बड़े गैस घरेलू सिलेंडर रखे हुए थे। फायर बिग्रेड की टीम ने समय रहते ही रसोई गैस सिलेंडरों को आग की चपेट में आने से बचा लिया। हालंकि दुकान में रखा पांच किलो का एक सिलेंडर आग लगने से वह फट गया, जिससे ब्लास्ट की तरह आवाज होने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
कैबिनेट मंत्री ने दिया सहायता दिलाने का आश्वासन
व्यापारी शुभम माहेश्वरी उर्फ बॉबी माहेश्वरी की दुकानों में आग लगने की सूचना पर दुग्ध एवं पशुधन कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को ढांढस बांधते हुए प्रशासन से हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इसके अलावा थाना पुलिस के अलावा दोपहर में फायर बिग्रेड से सीएफओ समेत अन्य अधिकारियों ने भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया। इसमें शुरुआती जांच में इंवर्टर में शार्ट सर्किट की वजह से आग लगना माना जा रहा है।
सीएफओ ने गाड़ी में पानी नहीं होने की बात नकारी
इस मामले में सीएफओ मनु शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के आधे घंटे बाद ही गाड़ियों को मौके पर भेज दिया गया था। वहीं एक गाड़ी में पानी नहीं होने की बात पर उन्होंने बताया कि गाड़ी में ढाई हजार लीटर पानी आता है, जिससे 10 मिनट में पानी खत्म हो गया। ऐसे में ग्रामीणों ने माना कि एक गाड़ी में पानी नहीं था। जो टीम मौके पर गई उसमें आग बुझाते समय कई कर्मचारी चोटिल और हल्के झुलस गए। मामले की जांच की जा रही है। व्यापारी की तरफ से नुकसान की रकम को अभी स्प्ष्ट नहीं किया गया है।
