Parliament Budget Session: राहुल गांधी ने यूएस डील पर खड़े किये सवाल, कहा - व्यापार समझौते में सरकार ने देश को बेच दिया

Amrit Vichar Network
Published By Virendra Pandey
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नयी दिल्ली : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यह बराबरी की शर्त पर नहीं किया गया और ''सरकार को शर्म आनी चाहिए कि उसने भारत माता को बेच दिया है''। उन्होंने केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए दावा किया कि भारत-अमेरिका समझौते में देश के किसानों के हितों को कुचल दिया गया, जैसा आज से पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया और आगे भी कोई नहीं करेगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि बजट के समानानांतर अमेरिका के साथ व्यापार समझौता हुआ है।

 राहुल गांधी ने कहा, ''अमेरिका और चीन के बीच मुकाबले में सबसे महत्वपूर्ण बात भारत का डेटा है। अगर अमेरिका महाशक्ति बने रहना चाहता है और डॉलर की रक्षा करना चाहता है तो अमेरिकियों के लिए भारत का डेटा बहुत महत्वपूर्ण है।'' कांग्रेस नेता ने कहा, ''कुछ लोग कहते हैं कि जनसंख्या त्रासदी है, लेकिन मैं कहता हूं कि यह ताकत है।'' राहुल गांधी ने कहा कि अगर विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन की सरकार होती और व्यापार समझौते की बात करती तो ''हम अमेरिका के राष्ट्रपति से कहते कि आप के डॉलर की सुरक्षा करने की सबसे बड़ी पूंजी भारतीय लोगों के पास है।'' उन्होंने कहा, ''हम बराबरी पर बात करते। हम कहते कि आप ऐसे बात नहीं कर सकते कि हम आपके नौकर हैं। हम अमेरिकी राष्ट्रपति से यह भी कहते कि हम अपने ईंधन की रक्षा करने जा रहे हैं। हम यह भी कहते हैं कि आप अपने किसानों की रक्षा करेंगे, लेकिन हम भी अपने किसानों की रक्षा करेंगे।'' 

कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के बराबर नहीं खड़ा किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में शुल्क पहले तीन प्रतिशत के आसपास था, जो अब 18 प्रतिशत हो गया है यानी छह गुना बढ़ोतरी हो गई है। राहुल गांधी ने कहा, ''वहीं, अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क 16 प्रतिशत से शून्य कर दिया गया।'' उन्होंने दावा किया कि अब यह होगा कि अमेरिका तय करेगा कि हम तेल किससे खरीदेंगे और भारत के प्रधानमंत्री मोदी फैसला नहीं करेंगे। उन्होंने दावा किया, ''हमारे किसान तूफान का सामना कर रहे हैं...आपने हमारे किसानों को कुचले जाने का रास्ता खोला है। आपसे पहले किसी प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया और आगे भी कोई प्रधानमंत्री नहीं करेगा।'' उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते में ''भारत को बेच दिया गया, मां (मदर) को बेच दिया गया, भारत माता को बेच दिया गया, जिस पर सरकार को शर्म आनी चाहिए।'' नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि हमें अपने लोगों, डेटा, खाद्य आपूर्ति और ऊर्जा तंत्र की सुरक्षा करनी होगी। उन्होंने कहा कि बजट में इस बात को माना गया है कि ऊर्जा और वित्त को दुनियाभर में हथियार बनाया जा रहा है, लेकिन इस बारे में बजट में किसी कदम का उल्लेख नहीं है। 

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