कानपुर: देर से कॉलेज पहुंचने पर विद्यार्थियों की पिटाई, दो सहायक प्रोफेसर निलंबित, चार हिरासत में

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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कानपुर। कानपुर के मंधाना क्षेत्र स्थित महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्र-छात्राओं ने घने कोहरे के कारण देर से पहुंचने पर संकाय सदस्यों द्वारा कथित तौर पर की गई पिटाई के विरोध में प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। विवाद बढ़ने पर कॉलेज प्रशासन ने दो सहायक प्रोफेसरों सुभाष चंद्र मौर्य और अनिल कुमार पाठक को निलंबित कर दिया है और प्रकरण की जांच के लिये समिति गठित की है।

इस बीच पुलिस ने चार अन्य शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। छात्रों ने बताया कि घने कोहरे के कारण उन्हें सुबह कॉलेज आने में देर हुई और वे नौ बजे के बाद जब परिसर में पहुंचे तो कुछ शिक्षकों ने उन्हें देर से आने पर कथित रूप से लाठियों और बेल्ट से पीटा और 300 रुपये 'लेट चार्ज' देने को कहा।

विद्यार्थियों का आरोप है कि मारपीट से 10 से ज़्यादा छात्र-छात्राओं को चोटें आईं व उन्हें इलाज के लिए कॉलेज के अस्पताल ले जाया गया। अपने साथियों के साथ मारपीट की खबर से अन्य छात्रों ने परिसर में विरोध प्रदर्शन किया व नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों ने गेट बंद कर दिए और वारदात में शामिल शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

विवाद बढ़ने पर कॉलेज प्रशासन ने दो सहायक प्रोफेसरों सुभाष चंद्र मौर्य और अनिल कुमार पाठक को निलंबित कर दिया है। वहीं, एक छात्र के पिता की शिकायत पर पुलिस ने तीन शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और चार शिक्षकों व कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) के जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) सैयद कासिम आब्दी ने बताया कि छात्रों और कॉलेज स्टाफ कर्मियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ''कॉलेज में दाखिल होने के समय को लेकर हुए विवाद में कुछ छात्रों को चोटें आईं। मामले की जांच की जा रही है और उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।'' इस बीच, छात्रों ने प्रशासन से लिखित आश्वासन मांगा है कि विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। 

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