सुलतानपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई : क्लोन ऐप से करोड़ों की ठगी के मामले में 7 आरोपियों को पकड़ा

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले की साइबर क्राइम और एसओजी ने एक बड़े ऑनलाइन ट्रेडिंग धोखाधड़ी का भंडाफोड़ करते हुए असम और मुंबई से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने एक कंपनी का क्लोन ऐप बनाकर शेयर बाजार में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने विभिन्न पीड़ितों से कुल 2 करोड़ 75 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का खुलासा किया है।

पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने पत्रकारों को आज यहां बताया कि इस मामले की शुरुआत शफीपुर निवासी भास्कर पांडेय की शिकायत से हुई। उन्होंने फेसबुक पर शेयर बाजार में मुनाफा देने वाली एक कंपनी का विज्ञापन देखा था। ऑनलाइन ट्रेडिंग की जानकारी के लिए उन्होंने अपनी डिटेल्स भरीं। कुछ दिनों बाद उन्हें श्रुति असाती नाम की एक महिला का व्हाट्सएप कॉल आया, जिसने उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए प्रेरित किया और एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया।

ग्रुप के टीचर/प्रोप्राइटर दौलत जैन ने व्हाट्सएप मैसेज के जरिए एक स्कीम बताई, जिसमें कम समय में शेयर मार्केट और स्टॉक मार्केट में पैसा लगाकर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। विश्वास में लेकर भास्कर पांडेय से पहले कुछ पैसा लगवाया गया और उन्हें शुरुआती मुनाफा भी दिखाया गया। बाद में उनसे कुल 10,11,689.75 रुपये और लगवा लिए गए, जो उन्हें कभी वापस नहीं मिले।

जांच में पता चला कि यह धोखाधड़ी मूल कंपनी का क्लोन ऐप बनाकर की गई थी। भास्कर पांडेय की शिकायत पर थाना साइबर क्राइम में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पता चला कि इसी गिरोह ने अमेठी के अभिषेक सिंह से लगभग 85 लाख रुपये और लखनऊ के अपनीश सिंह से लगभग 1 करोड़ 85 लाख रुपये की ठगी की थी। इन मामलों में भी संबंधित साइबर क्राइम थानों में केस दर्ज किए गए हैं।

सुलतानपुर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने जांच शुरू की। भास्कर पांडेय के खाते से ट्रांसफर किए गए पैसे की केवाईसी से पता चला कि यह राशि हनीफ एग्रो ट्रेडर्स (प्रोप्राइटर हनीफ काजी, कामरूप, असम) और शमशुद्दीन अहमद (कामरूप, असम) के खातों में गई थी। साइबर टीम ने असम जाकर हनीफ काजी और शमशुद्दीन अहमद को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उन्होंने शफीकुल इस्लाम (बारपेटा, असम) और जाकिर खान (बारपेटा, असम) के कहने पर पैसों के लालच में अपने खाते दिए थे। गिरफ्तार आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर सुलतानपुर लाया गया है।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक टीम मुंबई भेजी गई थी। विश्लेषण और मुखबिरों की सूचना के आधार पर टीम ने मुंबई से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान संतोष सुर्वे (निवासी भिवंडी, मुंबई), विजय ईश्वर कलान्तरे (निवासी नवी मुंबई, महाराष्ट्र) और फरीद मलिक (निवासी मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है।

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