यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी, पर्यटन और कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने वाला अहम निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने 4 लेन (6 लेन विस्तारणीय) प्रवेश नियंत्रित ग्रीन फील्ड चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के पूरा होने से जनपद चित्रकूट में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
ईपीसी मोड पर होगा निर्माण
कैबिनेट ने परियोजना के ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) पद्धति पर क्रियान्वयन के लिए तैयार किए गए अंतिम आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) दस्तावेज को स्वीकृति प्रदान की। अब निर्माणकर्ता के चयन के लिए ग्लोबल टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।
15.172 किमी लंबा होगा एक्सप्रेसवे
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी के अनुसार, यह लिंक एक्सप्रेसवे जनपद चित्रकूट के भरतकूप से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग 135-बीजी पर ग्राम अहमदगंज तक बनाया जाएगा। परियोजना की कुल लंबाई 15.172 किलोमीटर निर्धारित की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 513.97 करोड़ रुपये की लागत तय की गई है। निर्माण कार्य की निगरानी और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को सौंपी गई है, जिसे नोडल एजेंसी नामित किया गया है।
पर्यटन को मिलेगा नया आधार
धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चित्रकूट क्षेत्र लंबे समय से बेहतर कनेक्टिविटी की मांग करता रहा है। लिंक एक्सप्रेसवे बनने से न केवल सड़क संपर्क सुधरेगा, बल्कि तीर्थाटन, होटल उद्योग और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है।प्रदेश सरकार का मानना है कि यह परियोजना ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
