Bareilly : पॉलीग्राफिक टेस्ट के डर ने खोल दिया दो हत्याओं का राज

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Published By Pradeep Kumar
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महिला और किशोरी की हत्या में बने एक-दूसरे के साझीदार, दोनों गिरफ्तार

बरेली, अमृत विचार। डेढ़ साल से लापता किशोरी के हत्यारोपी की तलाश में जुटी क्योलड़िया पुलिस को दोहरी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने लापता किशोरी की हत्या में शक दायरे में आए युवक को पॉलीग्राफिक टेस्ट के लिए नोटिस जारी किया, लेकिन वह सच खुलने के डर से भागने की फिराक में जुट गया। पुलिस ने सख्ती की तो सच सामने आ गया और किशोरी की हत्या के साथ ही क्षेत्र में नौ साल पहले हुए महिला की हत्या का भी राज फाश हो गया। दोनों ही हत्या आपसी सहयोग से की गई थीं। पुलिस ने पत्नी के हत्यारोपी बंगाली डॉक्टर और उसके सहयोगी को प्रेमिका की हत्या के आरोप में गिरफ्तार करके गुरुवार को जेल भेजा है।

एसएसपी कार्यालय स्थित अपने कार्यालय में गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए एसपी उत्तरी मुकेश कुमार मिश्र ने बताया कि क्योलड़िया थाना क्षेत्र के गांव सतवन पट्टी के रहने वाले अजीज अहमद ने 8 जनवरी 2025 को पुलिस शिकायत दर्ज कराई कि उनकी 16 साल की बेटी लापता है। अजीज की शिकायत पर क्योलड़िया पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर तलाश करने लगी। इसी बीच बीते साल सितंबर में कैलाश नदी किनारे गन्ने के खेत में गुथी हुई सिर की चोटी, कपड़े और हड्डियां मिलीं थी। पुलिस ने डीएनए टेस्ट करवाया, उसकी रिपोर्ट में साबित हुआ कि जो अवशेष मिले, वो किसी और के नहीं, बल्कि अजीज की बेटी के ही थे। लड़की के मोबाइल सीडीआर की जांच की गयी तो गांव का ही सलीम हुसैन पुलिस की रडार पर आ गया। किशोरी से उसकी कई बार बात हुई थी। घटना वाली रात भी दोनों की लोकेशन एक ही जगह पर मिली थी।

पॉलीग्राफिक टेस्ट से सता रहा था सच खुलने का डर
पुलिस के सामने किशोरी की गुमशुदगी और उसकी हत्या में सलीम हुसैन की भूमिका स्पष्ट करना बड़ी चुनौती का कार्य था। पुलिस ने कोर्ट से सलीम का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति ली। सलीम को नोटिस भेजा गया, मगर पॉलीग्राफ टेस्ट में सच सामने आने का डर उसे सताने लगा। उसे पता चला कि पॉलीग्राफ टेस्ट में नशे का इंजेक्शन लगाया जाता है। इसके बाद इंसान सब सच बता देता है। डर की वजह से वह लापता हो गया। पुलिस सलीम के सारे तार खंगाल रही थी। इस बीच पता चला कि भौआ बाजार के रहने वाले अमित उर्फ बंगाली डॉक्टर के साथ सलीम काम करता था और दोनों पश्चिम बंगाल भागने की फिराक में हैं, लेकिन पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

डॉ. बंगाली ने 2017 में की थी पत्नी की हत्या
पुलिस की पूछताछ में डेढ़ साल पहले हुई किशोरी की हत्या का राज खुलने के साथ सलीम के साथी डॉ बंगाली ने भी अपनी पत्नी की हत्या का राज उगल दिया। अमित ने पत्नी रजनी के साथ विवाद के चलते 2017 में सलीम की मदद से उसकी हत्या कर दी थी। वहीं, सलीम ने पुलिस को बताया कि वह अजीज की बेटी को उसके घर से बुलाकर गन्ने के खेत में ले गया था, मगर अजीज ने चोर-चोर का शोर मचा दिया। वह लोग जंगल की तरफ चले गए। उसने अजीज की बेटी को वापस जाने के लिए कहा, मगर वह नहीं मानी। इस पर उसने डॉ. बंगाली के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी।

दोनों आरोपियों का है पुराना आपराधिक इतिहास
एसपी उत्तरी मुकेश कुमार मिश्र ने बताया कि विवाद के चलते अमित उर्फ डॉ बंगाली ने सलीम के साथ मिलकर पत्नी रजनी की कैलाश नदी किनारे गला दबाकर हत्या कर दी और शव दफन कर दिया। इस संबंध में थाना भुता में मामला दर्ज था। सलीम हुसैन (22 वर्ष) पर लूट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट समेत कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वर्तमान में वह दो हत्याओं में नामजद है। अमित उर्फ डॉ. बंगाली (मूल निवासी पश्चिम बंगाल) पूर्व में अपहरण व पॉक्सो एक्ट के मामले में नामजद होने के साथ पत्नी की हत्या में भी आरोपी है।

सर्विलांस, साइबर सेल व एसओजी की संयुक्त टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा किया। दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है, अन्य पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस दोनों मामलों में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है। -मुकेश कुमार मिश्र, एसपी उत्तरी।

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