अभ्युदय योजना भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा : गड़बड़ी मिलने पर संयुक्त निदेशक निलंबित, विभागीय जांच के आदेश

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत कोर्स कोऑर्डिनेटर पदों की चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक सुनील कुमार बिसेन को निलंबित कर दिया गया है।

प्रथम दृष्टया लापरवाही प्रमाणित होने पर उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। निलंबन अवधि में वे निदेशालय से संबद्ध रहेंगे तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करेंगे। चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी की एक गोपनीय शिकायत विभागीय मंत्री असीम अरुण को प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर जांच कराई गई।

जांच के दौरान संयुक्त निदेशक की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इतना ही नही जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्रों का मूल अभिलेखों से समुचित सत्यापन नहीं किया गया। साक्षात्कार और चयन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज विभागीय पत्रावली में उपलब्ध नहीं पाए गए। इतना ही नही चयन प्रक्रिया की निगरानी हेतु गठित समितियों द्वारा साक्षात्कार एवं सत्यापन कराए जाने का कोई प्रमाणिक रिकॉर्ड भी प्रस्तुत नहीं किया गया। 

साथ ही संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर चयन की संस्तुति किए जाने से योजना की पारदर्शिता प्रभावित हुई। 29 अक्टूबर 2025 को मिली शिकायत के बाद की गई जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि नियमानुसार कोर्स कोऑर्डिनेटर पद के लिए यूपी पीसीएस मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य था, लेकिन कई अपात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति कर दी गई। 69 अभ्यर्थियों की जांच में केवल 21 ही पात्र पाए गए थे।

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