Moradabaad : घर वाले थे शोक में और वह जिंदा लौट आया...

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
On

शुगर मिल कर्मचारी की मौत की खबर निकली झूठी, अफवाह फैलाने पर पुलिस ने दो को जेल भेजा

मुरादाबाद, अमृत विचार। जनपद के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की दीवान शुगर मिल से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। बुधवार को मिल कर्मचारी अरविंद की मशीन की चेन में कटकर मौत होने की खबर से हड़कंप मच गया था। ग्रामीणों के साथ भाकियू सहित अन्य किसान संगठन भी विरोध प्रदर्शन करने मिल पहुंच गए थे। हालात को नियंत्रित करने के लिए कई थानों का पुलिस फोर्स मिल पर तैनात कर दिया गया था। वहीं पुलिस व प्रशासन के अधिकारी दिनभर परिजनों को समझाने में जुटे रहे। बाद में 13 लाख मुआवजा देने के बाद परिजनों ने प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई। बुधवार की देर शाम वह खुद ही घर पहुंच गया। जिसके बाद पुलिस ने मौत की झूठी खबर फैलाने वाले कर्मचारी के भाई समेत दो लोगों को जेल भेजा दिया। कर्मचारी से जानकारी लेने के बाद पुलिस ने उसे परिवार वालों को सौंप दिया है। मिल द्वारा परिवार वालों को दी गई सहायता राशि वापस कर दी गई।

उत्तमपुर बहलोलपुर गांव का रहने वाला अरविंद कुमार भाई जितेंद्र के साथ दीवान शुगर मिल अगवानपुर सीजनल कर्मचारी के तौर पर कार्य करता था। बुधवार को जितेंद्र और उसके साथ दो लोगों ने मिल प्रबंधन को सूचना दी कि गन्ने की चेन पर कार्य कर रहा उसका भाई चेन में फंस गया और क्रशर में चला गया। क्रशर में जाने के कारण उसका शव भी नहीं मिल पाया। किसान संगठनों को भी सूचना दी गई और मिल पर ग्रामीणों के साथ विभिन्न संगठनों से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता मिल पर एकत्रित होने लगे और मिल प्रबंधन पर लापरवाही और मिल में कर्मचारियों की सुरक्षा संबंधी इंतजाम नहीं होने का आरोप लगाते हुए हंगामे करने लगे। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस अधिकारी भी पहुंच गए और कई थाना सिविल लाइंस सहित कई थानों का फोर्स भी तैनात कर दिया गया। इस दौरान परिजन, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिल पर प्रबंधन के बीच भी वार्ता चलती रही। पहले परिजन अरविंद की मृत्यु के लिए मिल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग करते रहे। बाद में 13 लाख रुपये का मुआवजा देने पर दोनों पक्षों में समझौता हाे गया। देर शाम अरविंद के घर पर शोक मनाया जा रहा था, लोग सांत्वना देने के लिए घर पहुंच रहे थे। तभी अरविंद घर पहुंच गया। पहले तो किसी भरोसा ही नहीं हुआ, लेकिन उसे जीवित देखकर घर वालों में खुशी की लहर दौड़ गई और आंखों से खुशी के आंसू बह निकले। अरविंद के जीवित मिलने से परिजन में खुशी का माहौल है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक सूचना गलतफहमी के आधार पर फैली थी और मौत की खबर पूरी तरह निराधार है। उन्होंने बताया मौत की झूठी खबर फैलाने वाले कर्मचारी के भाई जितेंद्र और अन्य कर्मचारी शांतिभंग की धाराओं में को जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में यह मामला पूरी तरह निराधार निकला। अरविंद जिंदा अपने घर पर मिला।

काम करते-करते थक गया तो बिना किसी को बताए मिल से निकल गया था
गुरुवार को सिविल लाइन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनीष सक्सेना ने बताया कि परिजनों ने आरोप लगाया था कि मिल प्रबंधन की लापरवाही के चलते अरविंद की चेन में फंसकर मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने सभी को चौंका दिया। पूछताछ में अरविंद ने बताया कि वह काम करते-करते थक गया था और बिना किसी को बताए मिल से निकल गया था। इसी दौरान मिल परिसर में मिले संदिग्ध द्रव्य को उसके भाई व अन्य कर्मचारियों ने खून समझ लिया था, जबकि जांच में वह मोबिल ऑइल निकला।

संबंधित समाचार