यूपी बजट सत्र : वंदे मातरम का विरोध करने वालों को भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं, विधानसभा में बोले सीएम योगी

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान कहा कि 6 करोड़ से अधिक की आबादी को पिछले आठ वर्षों के अंदर डबल इंजन सरकार के द्वारा किए गए सतत प्रयास से बहुआयामी गरीबी की रेखा से ऊपर किया गया है। उन्होंने कहा कि ये नीति आयोग के वे आंकड़े हैं जो उन्होंने पूरे देश भर में सरकार की विकासपरक योजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं के परिणामस्वरूप सामने आए हैं।

इसका मतलब ये नहीं है कि उनको अन्य योजनाओं से वंचित कर दिया जाए। उनको जो राशन की सुविधा मिल रही है, वह यथावत मिलेगी। उन्हें स्वास्थ्य की सुविधाएं जो मिल रही हैं, वे यथावत मिलती रहेंगी और शासन की अन्य सभी प्रकार की सुविधाएं वैसे ही मिलती रहेंगी। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कानून चंद हाथों की जागीर बन गई थी। कर्फ्यू और दंगा आम बात हो गई थी, पर्व आस्था नहीं आशंका के पर्याय बन गए थे, पुलिस का मनोबल टूटा था, न बेटी सुरक्षित थी न व्यापारी।

उन्होंने कहा कि आज उपद्रव नहीं उत्सव प्रदेश है। उत्तर प्रदेश में आज भय का वातावरण नहीं, बल्कि लोगों के मन में आस्था का भाव है। कर्फ्यू कल्चर की जगह जीरो टॉलरेंस कल्चर ने ले ली है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वंदे मातरम का विरोध करने वालों को भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है। 

बजट सत्र के दौरान विधानसभा में बोलते हुए उन्होंने सपा और कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने राज्य में विकास और सांस्कृतिक पुनरुत्थान दोनों में बाधा डाली है। मुख्यमंत्री योगी ने राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वंदे मातरम का विरोध करने वालों को भारतीय धरती पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। कुछ राजनीतिक समूह भारत से खाते-पीते हैं लेकिन वंदे मातरम गाने से इनकार करते हैं।

उन्होंने सपा के नेतृत्व वाली पिछली सरकारों पर अयोध्या और मथुरा के विकास को रोकने और कांवड़ यात्रा और दीपोत्सव जैसे धार्मिक आयोजनों का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश, आस्था का केंद्र होने के नाते, अब एक ऐसे मॉडल का गवाह बन रहा है जहां विकास और विरासत पुनर्जागरण का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य दंगा-प्रधान अर्थव्यवस्था से मंदिर-प्रधान अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर हुआ है। प्रयागराज में आयोजित माघ मेले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जहां पूर्व के वर्षों में लगभग 12 करोड़ श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होते थे, वहीं इस वर्ष के माघ मेले में लगभग 21 करोड़ तीर्थयात्रियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह बेहतर कानून व्यवस्था में बढ़ती जन आस्था को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं रहा, बल्कि देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और विकास के इंजन के रूप में उभर रहा है। कानून प्रवर्तन सुधारों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब 12 कार्यरत फोरेंसिक प्रयोगशालाएं हैं, जबकि पहले केवल दो या तीन ही थीं।

इसके साथ ही लखनऊ में एक राज्य फोरेंसिक संस्थान की स्थापना भी की गई है। प्रत्येक जिले में साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित किए गए हैं और सभी पुलिस थानों में साइबर डेस्क कार्यरत हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 60,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है, पीएसी इकाइयों का पुनर्गठन किया गया है और महिला पीएसी बटालियन का गठन किया गया है, और कई अन्य बटालियनों का गठन प्रक्रियाधीन है।

'ट्रिपल टी' की त्रिवेणी की बनकर उभरा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि राज्य अब 'ट्रिपल टी' यानी 'टेक्नॉलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसपोर्टेशन' की 'त्रिवेणी' बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि अब राज्य में 'कर्फ्यू कल्चर' की जगह 'जीरो टॉलरेंस कल्चर' ने ली है और दंगों की जगह 'फेस्टिवल व टेंपल इकोनामी' पनप रही है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि अब उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं है। उन्होंने कहा, ''आज यह ट्रिपल टी का एक प्रतीक बना है। ट्रिपल टी यानी टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसपोर्टेशन। यह इन तीनों की एक त्रिवेणी बनकर उभरा है। पहली बार सदन में प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण भी प्रस्तुत किया गया है। यह आर्थिक सर्वेक्षण विचार से व्यवस्था और व्यवस्था से विकास की इस अभिनव यात्रा का प्रतीक है।'' आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने पहले दिन से ही भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति की बात की थी और सरकार आज भी इसी नीति पर चल रही है। उन्होंने कहा, ''आज का उत्तर प्रदेश उपद्रव का नहीं बल्कि उत्सव प्रदेश है। कर्फ्यू कल्चर की जगह जीरो टॉलरेंस कल्चर ने ली है। अब दंगों की जगह फेस्टिवल और टेंपल इकोनामी प्रगति कर रही है।''  

सार्थक चर्चा लोकतंत्र की ताकत, यूपी ने बदली अपनी पहचान

उत्तर प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि सार्थक और सकारात्मक चर्चा ही लोकतंत्र की असली ताकत होती है। उन्होंने सदन के सभी सदस्यों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सदन में आई थीं और यह बात सभी को मालूम थी। इसके बावजूद विपक्ष का रवैया निंदनीय रहा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल एक मातृशक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं और उनके प्रति असम्मानजनक व्यवहार पूरे सदन के लिए उचित नहीं था। योगी ने विपक्ष के आचरण पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह के व्यवहार से उत्तर प्रदेश की छवि प्रभावित होती है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष के कुछ नेताओं के बीच आपसी मतभेद भी सार्वजनिक रूप से नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में सदन की कार्यवाही बहुत कम ही बाधित हुई है और यह सकारात्मक राजनीति का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में अब संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहली बार आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश कर पारदर्शिता की दिशा में कदम बढ़ाया है, जो प्रदेश की विकास यात्रा का प्रतीक है। 

उन्होंने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश को 'बीमारू राज्य' कहा जाता था और यहां के युवाओं को संदेह की नजर से देखा जाता था, लेकिन अब प्रदेश ने अपनी अलग पहचान बनाई है। "सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य अपनी पहचान के लिए मोहताज नहीं रह सकता।" मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में छह करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं। राशन और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं पूर्ववत मिल रही हैं और सरकार सुविधाओं में कटौती नहीं बल्कि विस्तार कर रही है। 

उन्होंने कहा कि यह नौ वर्षों की यात्रा 'कर्फ्यू से कानून तक', 'समस्या से समाधान तक' और 'अव्यवस्था से सुशासन तक' की यात्रा है। उत्तर प्रदेश पहले से ही त्रिवेणी के लिए विख्यात रहा है और अब विकास की नई त्रिवेणी के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और विकास की दिशा में निरंतर अग्रसर है।  

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