Saharanpur News: हाजी इकबाल की करीब 2.75 अरब की संपत्ति कुर्क, DM ने दिए आदेश

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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सहारनपुरः बसपा शासनकाल में MLC रह चुके हाजी इकबाल की 56 संपत्तियों को कुर्क करने के आदेश जारी कर दिया गया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट के तहत यह कार्रवाई की है। प्रशासन के मुताबिक इन संपत्तियों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 2.75 अरब की आंकी गई है। जिला मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश के बाद कुर्क संपत्तियों के प्रबंधन के लिए बेहट तहसीलदार को प्रशासक नियुक्त की है। प्रशासन की ओर से संपत्तियों को सरकारी कब्जे में लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

अवैध कमाई का आरोप

जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार हाजी इकबाल उर्फ बाला ने अपने बेटों, रिश्तेदारों और सहयोगियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बनाया। इस गिरोह पर खैर की लकड़ी की चोरी, अवैध खनन, सरकारी के साथ गैर-सरकारी जमीनों पर कब्जा करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

प्रशासन का दावा है कि इन गतिविधियों से बड़े पैमाने पर अवैध संपत्ति अर्जित की गई। वर्ष 2022 में मिर्जापुर थाने में गिरोहबंद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। बताया जा रहा है कि हाजी इकबाल और उनके परिजनों पर अलग-अलग थानों में लगभग 50 मुकदमे दर्ज हैं।

बेटों और सहयोगियों पर भी शिकंजा

प्रशासन के अनुसार हाजी इकबाल के बेटों मो. जावेद, मो. वाजिद, अलीशान और अफजल सहित अन्य सहयोगियों पर भी गिरोह बनाकर अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगा है। प्रशासनिक आदेश के बाद इन संपत्तियों को जब्त कर राजकीय नियंत्रण में लिया जा रहा है।

फरार हैं हाजी इकबाल

प्रशासन का कहना है कि हाजी इकबाल लंबे समय से देश से फरार हैं। उन पर एक लाख का इनाम भी घोषित है और पुलिस फिलहाल उनकी तलाश में जुटी हुई है।

कोर्ट में दी जाएगी चुनौती

हाजी इकबाल के अधिवक्ताओं का कहना है कि यह आदेश हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस फैसले को हाई कोर्ट और सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। गौरतलब है कि BSP शासनकाल में हाजी इकबाल सहारनपुर से एमएलसी रहे हैं। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई तेज हुई और कई आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए।

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