शोएब किदवई उर्फ बाबी हत्याकांड : जांच में जुटी पुलिस टीम, सुराग की दरकार
बाराबंकी, अमृत विचार। जेलर हत्याकांड के आरोपी व मुख्तार अंसारी गैंग के सदस्य रहे शोएब किदवई उर्फ बाबी हत्याकांड जांच के लिए जुटी पुलिस टीमों के लिए अबूझ पहेली साबित होता जा रहा है। टीमों की कोशिश और दौड़भाग में कोई कमी नहीं और न ही उसने कोई पहलू ही छोड़ा है पर अभी तक कोई सुराग हाथ न लगना यह संकेत दे रहा कि घटनाक्रम बहुत ही उलझा हुआ है, इसे सुलझा पाना कम टेढ़ी खीर नहीं। उधर अधिवक्ता संघ की नजर भी अब पुलिस की जांच पर जा टिकी है।
शोएब हत्याकांड को आज छह दिन हो गए और कल शुक्रवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे एक सप्ताह पूरा हो जाएगा। इस मामले की जांच के लिए पांच पुलिस टीमें गठित की गई थीं। टीमों ने हत्या के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाल डाले, हर रास्ते की खोजबीन की। लखनऊ से लेकर सुल्तानपुर व अन्य जिलों की खाक छानी।
एसटीएफ के साथ मिलकर घटना की चर्चा की। रही बात परिवार के असहयोग की तो उनसे बात भी हो गई। सीडीआर से लेकर चैट तक एकत्र कर ली पर एक अदद सुराग तक हाथ नहीं लग सका।
इस हत्याकांड का सबसे नकारात्मक पहलू भी यही है क्योंकि पुलिस का हरसंभव प्रयास इस घटना पर पड़ा रहस्य का पर्दा हटाना है। लगातार कोशिश के बावजूद टीमों के हाथ कोई लीड न लगने से अब निराशा का माहौल है। एक बात स्पष्ट है कि हत्या की घटना को अंजाम देने में बेहद ही शातिर ढंग से योजना बनाई गई, वहीं कई माह से इसकी तैयारी चल रही थी।
घटनाक्रम के तार इस कदर उलझे हैं कि बड़ी से बड़ी वारदात का खुलासा करने वाली पुलिस के लिए यह हत्याकांड किसी गले की फांस से कम नही है। इसके बावजूद पुलिस किसी एक सुराग का इंतजार कर रही है। उधर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नरेन्द्र वर्मा का कहना है कि संघ की नजर जांच पर टिकी हुई है, समय आने पर उचित निर्णय लिया जाएगा।
