मेरठ में विरोध के बीच अंतरधार्मिक विवाह स्थगित, महापंचायत बुलाने पर अड़े हिंदू संगठन, बताया- 'लव जिहाद' का मामला

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Published By Anjali Singh
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मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में हिंदू संगठनों के विरोध और तनाव को देखते हुए एक हिंदू युवती को मुस्लिम युवक के साथ प्रस्तावित विवाह फिलहाल स्थगित करना पड़ा है। इसके बाद हिन्दू संगठनों ने उसी जगह पर महापंचायत बुलाने का ऐलान कर दिया, जहां विवाह होना था। इसके आलोक में पुलिस प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मेरठ के गंगानगर क्षेत्र की निवासी युवती का विवाह शुक्रवार को गंगानगर-मवाना रोड स्थित एक रिसॉर्ट में होना तय था। विवाह के निमंत्रण पत्र भी छप चुके थे, लेकिन दूल्हे के नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। 

कुछ हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि युवक की पहचान छिपाई गई और इसे कथित 'लव जिहाद' का मामला बताया। संगठनों ने विवाह स्थल के बाहर महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की थी। विरोध की घोषणा के बाद स्थानीय प्रशासन सक्रिय हुआ और स्थिति पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। विवाद बढ़ने की आशंका के बीच रिसोर्ट प्रबंधन ने कार्यक्रम की बुकिंग निरस्त कर दी, जिसके बाद विवाह स्थगित कर दिया गया। युवती के चाचा ने युवक के खिलाफ धर्मांतरण और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए गंगानगर थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने नौ फरवरी को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अभिजीत कुमार ने बताया कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष और विधिसम्मत जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि विवाह कार्ड पर अलग-अलग नाम छपे होने और अन्य आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है। इस बीच, कुछ हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने दावा किया कि उन्हें महापंचायत रोकने के लिए नजरबंद किया गया है, हालांकि पुलिस ने हाउस अरेस्ट की बात से इनकार किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में शांति भंग नहीं होने दी जाएगी और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने कहा कि विवाह कार्ड में दूल्हे का नाम 'साहिल' छापे जाने और बाद में युवक का अन्य नाम 'शाहवेज' सामने आने से संदेह की स्थिति बनी। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी व्यक्ति की पहचान के संबंध में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है तो यह गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सिरोही ने यह भी दावा किया कि विवाह स्थल पर "हिंदू महापंचायत" बुलाने का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव उत्पन्न करना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करना था। 

उनके अनुसार, "महापंचायत का मकसद प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना और संभावित अनियमितताओं पर सवाल उठाना था। हम कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखना चाहते हैं।" उन्होंने युवती के बौद्ध धर्म अपनाने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाल ही में उसके घर पर पूजा-पाठ और माता की चौकी का आयोजन हुआ था, जिसका वीडियो मौजूद है। यदि युवती बौद्ध धर्म मानती है तो इसके प्रमाण सामने आने चाहिए। वहीं, युवती ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह बालिग है और अपनी इच्छा से विवाह कर रही थी। उसने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वह पिछले कई वर्षों से युवक को जानती है और विवाह दोनों परिवारों की जानकारी में तय हुआ था। 

युवती ने राज्य सरकार से सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। युवती ने कहा कि कुछ लोग गुंडागर्दी पर उतर आये हैं। बिना किसी चीज को जाने-पहचाने, उन्होंने इस मामले को तूल दे दिया। अगर किसी को कोई समस्या थी तो मेरे अलावा मेरी माता से आकर मिलते। पूरे मामले की पहले जांच करते कि क्या सही है क्या गलत है। उन्होंने शादी के कार्ड के डबल नाम को लेकर भी अफवाहे फैला दी कि उसने नाम छिपा कर मुझे दोस्ती की है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। उसका साहिल नाम मेरी मां ने निकनेम के तौर पर दिया था, लेकिन लोगों ने इसको धर्मान्तरण से जोड़ कर इसे लव जिहाद बता दिया, जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है। 

उसने कहा, ''मैं बालिग हूं और अपनी मर्जी से शादी कर रही हूं। मुझे पता है कि मेरे लिए क्या अच्छा है क्या क्या बुरा है। मेरा परिवार मेरे साथ है। मैं छह साल से उसको जानती हूं। मेरा परिवार भी शुरू से लड़के को जानता है।'' युवती ने कहा, ''मैं सनातनी नहीं, अंबेडकरवादी हूं, और बौद्ध धर्म मानती हूं। ये शादी बौद्ध रीति रिवाज से होगी।'' उसने कहा कि जब मैं बौद्ध धर्म को मानने वाली हूं तो फिर इस मामले में हिंदी-मुस्लिम कहां से आ गया। युवती ने कहा कि अगर कल तनाव में आकर मैं या मेरी मां कुछ करती है तो इसके लिये कौन जिम्मेदार होगा। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और तब तक सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की गई है। इस मामले में लड़के से बात करने की कोशिश की गयी लेकिन बात नही हो सकी।

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