रमजान का महीना हमदर्दी और मदद के लिए है : खालिद रशीद
कार्यालय संवाददाता, लखनऊ, अमृत विचार : इस्लामिक सेन्टर ऑफ़ इंडिया की ओर से गुरुवार को फिरंगीमहल में माहे रमजान के सम्बन्ध में एक अहम बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता सेन्टर के चेयरमैन और ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगीमहली ने की।
बैठक में मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि रमजान का महीना बहुत बरकत वाला है। इसकी अनगिनत फजीलत हैं। मुसलमानों के लिए फजीलत, सवाब और इबादत के लिए माहे रमजान से बेहतर कोई महीना नहीं है और मुनाफिक के लिए इससे ज्यादा बुरा कोई महीना नहीं। मौलाना ने कहा कि रोजेदार जिहालत की बातें न करें और अगर कोई शख्स उससे लड़े या उसे गाली दे तो इसका जवाब सिर्फ यह होना चाहिए कि मैं रोजेदार हूं। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना हमदर्दी, गमख्वारी और सहायता करने का महीना है। हजरत मोहम्मद साहब बेसहारा लोगों और जरूरतमन्दों की खूब मदद फरमाते थे और अपने सहाबा को भी इससे के लिए प्रेरित करते थे।
मौलाना ने कहा कि गत सालों की तरह इस साल भी जामा मस्जिद ईदगाह में तरावीह में 5 सिपारे होंगे। इशा की नमाज शाम 7:45 बजे होगी। औरतों के लिए भी जमाअत के साथ नमाज अदा करने का इंतजाम किया गया है। बैठक में मौलाना नईमुर्रहमान सिद्दीकी, मौलाना मुशताक नदवी और मौलाना अब्दुल लतीफ नदवी मौजूद रहे।
