विधानसभा में ऊर्जा मंत्री और शिवपाल यादव में तीखी बहस: एके शर्मा बोले- सपा सरकार में सिर्फ सैफई में आती थी बिजली

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा और विधान परिषद में बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को योगी सरकार को विपक्ष के तीखे सवालों से उलझना पड़ा। विधानसभा में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ विधायक शिवपाल सिंह यादव के बीच बिजली आपूर्ति को लेकर तीखी नोकझोंक हुई।

यूपी में निवेश को लेकर सवालों का जवाब नहीं दे सके औद्योगिक मंत्री

इसी सदन में सपा विधायक डॉ. रागिनी सोनकर के यूपी में निवेश को लेकर पूछे गए तीन सवालों का जवाब देने में औद्योगिक मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ अटक गए तो वित्त मंत्री सुरेश ने बीच में आकार सरकार को फजीहत से उबारा। वहीं विधान परिषद में सूबे की खराब कानून व्यवस्था को लेकर पहले सत्ता पक्ष और सपा विधायकों की तीखी नोकझोंक हुई और उसके बाद सपा के सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए।

कुल मिलकर देखें तो आज विधानमंडल के दोनों सदनों में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सरकार के दावों को लेकर विपक्षी सदस्यों ने सरकार को जमकर घेरा, जिसके चलते दोनों सदनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोक हुई। विधानसभा में इसकी शुरुआत ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के दावों से हुई।

एके शर्मा का तंज – सपा सरकार में सिर्फ सैफई में बिजली आती थी

एके शर्मा ने योगी सरकार की उपलब्धियों का बखान करते हुए यह कहा कि सपा सरकार में सिर्फ सैफई में बिजली आती थी, लेकिन आज यूपी के हर शहर व गांव में कहीं 24 तो कहीं 21 घंटे बिजली आती है। यह दावा करते हुए उन्होने सपा पर तंज़ किया कि जब सपा के लोग कानून व्यवस्था की बात करते हैं तो हंसी आती है।

शिवपाल का आरोप – यूपी सरकार पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त

ऊर्जा मंत्री के ऐसे दावों को सुनकर सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा, ‘हमारी सरकार में बिजली और सड़क के क्षेत्र में काम हुआ था। हम जनता को लूटने का काम नहीं करते थे, आप लोग जनता को लूटने के लिए भारी भरकम बजट लाते हैं, लेकिन उस बजट को पूरा खर्च नहीं कर पाते। यूपी सरकार पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त है।

यह दावा करते हुए शिवपाल यादव ने मुख्यमंत्री योगी के बाबरी मस्जिद कभी न बनने के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा वालों के पास लोगों को आपस में लड़ाने के अलावा कोई काम नहीं है। शिवपाल और एके शर्मा के बीच हो रही ये नोकझोंक खत्म कराने के लिए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महान ने अन्य सदस्य को राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलने के लिए बुला लिया।

मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ नहीं दे सके जवाब

विधानसभा अध्यक्ष के इस प्रयास से सदन कुछ समय तो सामान्य रूप से चला। तभी जब सपा विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ से तीन सवाल पूछे। उनका पहला सवाल था था कि यूपी में 50 लाख करोड़ रुपए के एमओयू साइन हुए, जमीन पर सिर्फ 9% ही निवेश जमीन पर क्यों हुआ?

दूसरा सवाल था कि यूपी के डिफेंस कॉरिडोर में चित्रकूट, झांसी, अलीगढ़, आगरा में निवेश जीरो क्यों हैं? उनका तीसरा सवाल था कि भाजपा के खाते में 2014 में 800 करोड़ थे, अब 16 हजार करोड़ हो गए, यह सवाल इसलिए क्योंकि इकोनॉमी टूट रही और आपकी पार्टी में धन बढ़ रहा है रागनी ने सूबे की कानून व्यवस्था को लेकर भी कई तीखे सवाल किए।

उनके सवालों का जवाब देने के लिए उठे औद्योगिक मंत्री नंद गोपाल गुप्ता बीच में ही अटकने लगे तो स्पीकर ने उनको टोका। इस पर मंत्री महोदय सपा के बारे में बताने लगे और  आखिर में विधायक रागिनी के इंस्टाग्राम, फेसबुक रील को लेकर बोलने लगे।

मंत्री द्वारा विधायक के सवालों का जवाब देने में हो रही कठिनाई को भांपते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जवाब दिया-आप एनबीआरबी का डाटा देख लें राज्य में अपराध की घटनाओं में कमी आई ही, तेलंगाना और उड़ीसा जैसे राज्यों में सभी नीचे हैं हम।’ वित्त मंत्री के इस जवाब से रागिनी सोनकर संतुष्ट हुईं और अन्य विधायकों को सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलने का मौका मिला।

विधान परिषद से सपा का वॉकआउट

उधर विधान परिषद में सपा सदस्यों ने राज्य में खराब कानून व्यवस्था का आरोप लगाते हुए प्रदेश सरकार को घेरा। यहीं नहीं सूबे की स्वास्थय व्यवस्था को लेकर भी सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा के सवाल पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक भड़क गए और कहा सिर्फ बिल्डिंग बना देने से अस्पताल नहीं चलता। सपा सरकार में अस्पताल की बिल्डिंग बनाकर लूट होती थी, अब ऐसा नहीं होता। ऐसी तीखी नोकझोंक के बीच कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सदन में सपा विधायकों ने हंगामा किया और सदन से वॉकआउट कर गए।

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