Moradabaad : बदलते मौसम में वायरल बुखार के मरीज दोगुने, निमोनिया से बच्चे बीमार

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
On

जिला अस्पताल की ओपीडी में रोज 250 से अधिक मरीज, दिन में गर्मी और रात में सर्दी से बिगड़ रही सेहत

मुरादाबाद, अमृत विचार। बदलता मौसम लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है। दिन में तेज धूप तो रात में ठंड के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। इसका सीधा असर बच्चों से लेकर युवाओं व बुजुर्गों की सेहत पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में पिछले दो सप्ताह में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या दोगुनी होकर 250 से अधिक पहुंच गई है। इसके अलावा बच्चों और युवाओं में निमोनिया के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं।

चिकित्सकों के अनुसार मौसम में इस तरह का बदलाव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है। जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर है, वे वायरस और बैक्टीरिया की चपेट में जल्दी आ रहे हैं। खांसी, जुकाम, तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ और बदन दर्द जैसी शिकायतें आम हो गई हैं। कई बच्चे निमोनिया के लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं।

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बताया कि बदलते मौसम में बच्चों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने कहा बच्चों को हल्की सर्दी-खांसी को नजरअंदाज न करें। तेज बुखार या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। समय पर इलाज न मिलने से निमोनिया की आशंका बढ़ जाती है।

शुरुआती लक्षणों को हल्के में न लें
जनरल फिजिशियन डॉ. आशीष कुमार सिंह का कहना है कि लोग शुरुआती लक्षणों को हल्के में लेकर मेडिकल स्टोर से दवा ले लेते हैं, जिससे बीमारी दब तो जाती है लेकिन पूरी तरह ठीक नहीं होती। उन्होंने कहा कि लगातार एक सप्ताह तक बुखार रहने या हालत बिगड़ने पर ही मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। स्व-चिकित्सा से बचें और डॉक्टर की सलाह से ही दवा लें। बताया कि दवा के साथ सलाह दी जा रही है कि मौसम के अनुसार कपड़े पहनें, ठंडी चीजों से परहेज करें, पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित आहार लें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम की ठंड से बचाना जरूरी है, ताकि वायरल संक्रमण और निमोनिया जैसी बीमारियों से बचा जा सके।

संबंधित समाचार