यूपी में निवेश का संदेश : सिंगापुर पहुंचे सीएम योगी ने टेमासेक के चेयरमैन के साथ की बैठकें, Invest UP पर जोर  

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

सिंगापुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर के निवेश-केंद्रित संस्थानों के साथ सोमवार को बैठकें कीं और अपने राज्य में संप्रभु निवेश भागीदारी के अवसरों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री 23-24 फरवरी तक सिंगापुर की यात्रा पर हैं। उन्होंने डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब, नवीकरणीय ऊर्जा एवं औद्योगिक अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश में संप्रभु निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जानकारी दी कि राज्य की नीतिगत रूपरेखा और वैश्विक निवेशकों के लिए 'फास्ट-ट्रैक' (त्वरित) मंजूरी व्यवस्था का उल्लेख किया। 

उन्होंने लिखा, " आज सिंगापुर में जीआईसी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) लिम चाउ कियात और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ सार्थक बैठक हुई।"

योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दीर्घकालिक संस्थागत निवेश के अवसरों, विशेषकर अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक पार्क और सतत शहरी विकास परियोजनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में जीआईसी की मौजूदा साझेदारियों की सराहना की जिनमें गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में आईआरबी के साथ उसकी भागीदारी और राज्य में ग्रीनको के साथ सहयोग शामिल है। 

योगी ने डीबीएस ग्रुप की मुख्य कार्यपालक अधिकारी टैन सु शान और उनके वरिष्ठ नेतृत्व दल के साथ भी बैठक की। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, ''वित्तीय सहयोग को मजबूत करने, परियोजना वित्तपोषण को सुगम बनाने और उत्तर प्रदेश में अवसंरचना एवं विकास क्षेत्रों में निवेश प्रवाह को समर्थन देने पर चर्चा हुई।'' 

डीबीएस की भारत में पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है और यह विश्व की तेजी से प्रगति कर रही अर्थव्यवस्थाओं में सक्रिय प्रमुख सिंगापुरी व्यावसायिक समूहों में से एक है। उन्होंने साथ ही सिंगापुर में टेमासेक के चेयरमैन तेओ ची हीन और उनके दल के साथ हुई बैठक का भी उल्लेख किया। योगी ने कहा कि डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब, नवीकरणीय ऊर्जा और औद्योगिक अवसंरचना में निवेश के अवसरों पर चर्चा हुई और राज्य की निवेश-अनुकूल नीतियों को प्रस्तुत किया गया। 

मुख्यमंत्री ने रविवार को कहा था कि उनकी यह यात्रा भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी (सीएसपी) के खाके के अनुरूप है, जिसमें आर्थिक सहयोग, डिजिटलीकरण, कौशल विकास, स्थिरता, संपर्क एवं उन्नत विनिर्माण जैसे प्राथमिक स्तंभ शामिल हैं। इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री सिंगापुर के राजनीतिक नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय बैठकें करेंगे, जिनमें प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग, विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन, जनशक्ति मंत्री टैन सी लेंग तथा सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन शणमुगारत्नम शामिल हैं। 

सोमवार शाम मुख्यमंत्री वन वर्ल्ड इंटरनेशनल स्कूल में भारतीय प्रवासी समुदाय से मिलेंगे, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद भारतीय मूल के लोगों और उन सिंगापुरी नागरिकों के साथ संवाद होगा जिनके पूर्वज उत्तर प्रदेश से जुड़े रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री सिंगापुर तथा जापान की चार दिवसीय यात्रा पर हैं जहां वह उत्तर प्रदेश को "भारत के विनिर्माण केंद्र" के रूप में प्रस्तुत करेंगे और प्रमुख क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करेंगे।

वह डेटा सेंटर अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा संभावनाओं तथा कृषि-व्यवसाय और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में निवेश पर चर्चा करेंगे। गूगल, तोशिबा और सुजुकी मोटर्स सहित विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात निर्धारित है। यह 2017 में म्यांमा यात्रा के बाद मुख्यमंत्री की पहली विदेशी यात्रा है। वह 23-24 फरवरी को सिंगापुर और 25-26 फरवरी को जापान में रहेंगे। 

अधिकारियों के अनुसार, जापान में मुख्यमंत्री हरित हाइड्रोजन, आपूर्ति श्रृंखला विकास और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश पर उद्योग प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे। निवेशक बैठकों के अलावा, मुख्यमंत्री भारतीय प्रवासी और छात्रों से भी संवाद करेंगे तथा राज्य की विकास यात्रा और एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के दृष्टिकोण को साझा करेंगे। 

टेमासेक के चेयरमैन ने योगी से की मुलाकात

उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सिंगापुर दौरे के पहले दिन विभिन्न विदेशी निवेशकों और कॉरपोरेट प्रतिनिधियों से महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों में राज्य में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक सहयोग और दीर्घकालिक साझेदारी के विविध आयामों पर विस्तृत चर्चा हुई। पहले दिन मुख्यमंत्री ने सबसे पहले सिंगापुर की अग्रणी निवेश कंपनी टेमासेक होल्डिंग्स के चेयरमैन टियो ची हीन और उनकी टीम से मुलाकात की। 

बैठक में टेमासेक के वैश्विक निवेश पोर्टफोलियो और उत्तर प्रदेश में निवेश पर चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने टेमासेक को उत्तर प्रदेश में अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, वेयरहाउसिंग, फिनटेक आधारित शहरी विकास व अन्य सम्बद्ध क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। बैठक में टेमासेक की पोर्टफोलियो कंपनी मनिपाल हॉस्पिटल्स द्वारा गाजियाबाद में लगभग 500 करोड़ रुपये के निवेश तथा असेंडास द्वारा राज्य में लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग सुविधाओं के विकास हेतु करीब 500 करोड़ रुपये के निवेश से संबंधित जानकारी भी साझा की गई। 

यह निवेश प्रदेश में स्वास्थ्य एवं औद्योगिक अवसंरचना को नई गति देने वाला माना जा रहा है। बैठक में दोनों पक्षों ने डेटा सेंटर और कौशल विकास जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को तलाशने पर सहमति व्यक्त की। यह सहयोग उत्तर प्रदेश की भविष्य उन्मुख अवसंरचना के निर्माण तथा व्यापक रोजगार सृजन की परिकल्पना के अनुरूप होगा, जिससे राज्य को तकनीकी रूप से सशक्त और आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनाने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने निवेशकों के समक्ष उत्तर प्रदेश की बेहतर कानून-व्यवस्था, विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी, विकसित हो रहे एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर नीति, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और तेजी से उभरते लॉजिस्टिक्स हब के बारे में विस्तार से जानकारी दी। 

यूपी में निवेश को जताई उत्सुकता 

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज भारत की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और राज्य सरकार उद्योगों को 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के तहत पारदर्शी, त्वरित और निवेशक-अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों के साथ दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और तकनीकी क्षमता का विकास हो सके। 

मुख्यमंत्री के इस दौरे को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि इसके माध्यम से उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश की नई संभावनाएं खुलेंगी और राज्य को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में गति मिलेगी। गौरतलब है कि राज्य में निवेश प्रोत्साहन की इसी मुहिम के तहत उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य इस समय यूरोप के दौरे पर हैं।

सीएम योगी ने सिंगापुर के GIC के साथ की दीर्घकालिक निवेश पर चर्चा 

उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सिंगापुर दौरे के दौरान प्रमुख संप्रभु निवेश संस्था जीआईसी (गर्वमेंट ऑफ सिंगापुर इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लिम चो किआट और उनकी टीम के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस उच्चस्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश में जीआईसी के दीर्घकालिक निवेश की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई। 

मुख्यमंत्री ने जीआईसी को उत्तर प्रदेश में दीर्घकालिक निवेश के अवसरों का अन्वेषण करने के लिए आमंत्रित करते हुए राज्य की नीतिगत स्थिरता, सुशासन, मजबूत कानून-व्यवस्था, 25 करोड़ से अधिक की विशाल उपभोक्ता आबादी तथा तेजी से विकसित हो रहे अवसंरचना तंत्र को प्रमुख आकर्षण के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज भारत की सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाला राज्य है और सरकार निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी एवं अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही है। 

बैठक में औद्योगिक कॉरिडोर के किनारे लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग अवसंरचना के विकास, अक्षय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं, डेटा सेंटर एवं डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, उभरते शहरी केंद्रों में वाणिज्यिक रियल एस्टेट व इंटीग्रेटेड टाउनशिप, एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र के अनुरूप फिनटेक एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा भविष्य उन्मुख उद्योगों के लिए कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को "फ्यूचर-रेडी" औद्योगिक और आर्थिक हब के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

प्रदेश में एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर पार्क और नए औद्योगिक शहरों का तेजी से विकास हो रहा है, जो दीर्घकालिक निवेशकों के लिए स्थिर और लाभकारी अवसर प्रदान करते हैं। जीआईसी, जो विश्व की प्रमुख दीर्घकालिक संप्रभु संपत्ति निवेश संस्थाओं में से एक है, का भारत में अवसंरचना, रियल एस्टेट, फिनटेक और डिजिटल प्लेटफॉर्म क्षेत्रों में मजबूत निवेश आधार है। इस परिप्रेक्ष्य में मुख्यमंत्री और जीआईसी के बीच हुई यह बैठक उत्तर प्रदेश में वैश्विक पूंजी के प्रवाह को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। गौरतलब है कि राज्य में निवेश आमंत्रण के इसी क्रम के तहत उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य यूरोप के दौरे पर हैं। 

ये भी पढ़ें : 
SIR अभियान दिवस पर डीएम ने किया बूथों का निरीक्षण, दिए निर्देश, पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाए

संबंधित समाचार