Uttrakhand: हत्याकांड खुलासा...अदावत और वर्चस्व की चाह ने करायी गैंगस्टर विक्रम की हत्या

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
On

देहरादून, अमृत विचार। राजधानी देहरादून में सिल्वर सिटी मॉल में विगत 13 फरवरी को जमशेदपुर, झारखंड के गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या बदला लेने और अपराध जगत में वर्चस्व कायम करने की चाह में की गई थी।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह और एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने सोमवार को पुलिस ऑफिस में संयुक्त प्रेस वार्ता में इस हत्याकांड का खुलासा किया। हत्या को अंजाम देने में मददगार बने अक्षत ठाकुर निवासी जुगसलाई, जमशेदपुर और राजकुमार निवासी गाराबास बाग बेड़ा, जमशेदपुर, झारखंड को गिरफ्तार किया गया है जबकि हत्या को अंजाम देने के वांछित फरार आरोपी शूटर आशुतोष सिंह (26) और विशाल सिंह (28) निवासी जमशेदपुर झारखंड के अलावा हत्या की साजिश में शामिल अंकित वर्मा, आकाश प्रसाद, यशराज व जितेन्द्र साहु निवासी जमशेदपुर झारखंड की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

पूछताछ में आरोपी अक्षत ने बताया कि, वह नोएडा की निजी यूनिवर्सिटी में बीबीए प्रथम वर्ष का छात्र है तथा वर्तमान में ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में एल्फा-2 अपार्टमेंट में अपने साथियों के साथ रह रहा था। कुछ वर्ष पूर्व उसके मामा विकास महतो ने उसकी मुलाकात आशुतोष सिंह से कराई थी और आशुतोष के माध्यम से वह विशाल सिंह तथा अंकित से मिला था। 

करीब दो साल पूर्व जमशेदपुर में टाटा नगर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में एक व्यक्ति पर हुए जानलेवा हमले में आशुतोष जेल गया था तथा कुछ समय बाद अमन सिंह के कहने पर विशाल ने अमरनाथ नाम के एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी, जिसमें विशाल जेल चला गया था। 

जेल में विशाल का गैंगस्टर विक्रम शर्मा के एक करीबी से विवाद हो गया था, जिसके चलते विक्रम द्वारा जेल में बंद अपने गुर्गों के माध्यम से विशाल को काफी परेशान किया गया था। विशाल ने जेल से बाहर आकर यह बात आशुतोष को बतायी तो आशुतोष ने गैंगस्टर विक्रम शर्मा को मारकर अपराध की दुनिया में वर्चस्व कायम करने की पटकथा लिख दी थी।

अपराध में जुड़े कारोबार के हित
एसएसपी ने बताया कि आशुतोष, जमशेदपुर में सारिका इन्टरप्राइजेज के मालिक यशराज का परिचित था। यशराज भी विक्रम से परेशान था क्योंकि उसके पास रेलवे में फूड सप्लाई का कान्ट्रैक्ट था जिसे विक्रम हथियाना चाहता था और उसने यशराज से रंगदारी भी मांगी थी। आशुतोष ने यशराज को योजना बतायी तो यशराज और उसका पिता राजकुमार आशुतोष के साथ जुड़ गए।

जमशेदपुर व नोएडा नहीं दून में बहेगा खून
विक्रम को जमशेदपुर में मारने की योजना थी लेकिन विक्रम अपने साथ निजी सुरक्षा लेकर चलता था तो फिर उसे नोएडा में मारने की योजना बनी। यहां अंकित वर्मा के नाम से फ्लैट किराये पर लिया गया लेकिन नोएडा में भी मौका न मिलने पर उनके द्वारा देहरादून में ही विक्रम की हत्या की योजना बनाई गई। विक्रम की रेकी करने के लिए अंकित वर्मा ने देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में उसी जिम को ज्वाइन किया, जहां विक्रम रोज जाता था।

अंकित की कॉल, जिम के बाहर बरसा दीं गोलियां
घटना के दिन भी अंकित ने आशुतोष को कॉल कर विक्रम के जिम में होने की जानकारी दी थी तथा आशुतोष तथा विशाल द्वारा जिम से बाहर आते समय विक्रम की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आशुतोष व विशाल अपने साथी आकाश के साथ पहले हरिद्वार से रेंट पर ली गई बाइक व स्कूटी से हरिद्वार पहुंचे, जहां दोनों वाहन वापस कर पहले से ही हरिद्वार में खडी की गई यशराज की स्कॉर्पियो से नोएडा स्थित अक्षत के फ्लैट में पहुंचे थे।

संबंधित समाचार