रोज़ा रखने में कोई दिक्कत नहीं! इनहेलर से निकलने वाली दवा अगर खाने-पीने की नली में न जाए तो रोजा सही
लखनऊ, अमृत विचार। कार्यालय आयतुल्लाह अल उज्मा सैयद सादिक़ हुसैनी शीराजी की ओर से जारी शिया हेल्पलाइन पर रोजेदारों ने 5 रामजान को दीनी और शरई सवाल पूछे। जिनका मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने जवाब दिया।
शिया हेल्पलाइन पर एक रोजेदार ने पूछा कि अगर कोई दमे का मरीज रोजे की हालत में इनहेलर का इस्तेमाल करता है तो क्या हुक्म है? इस सवाल के जवाब में बताया गया कि इनहेलर से निकलने वाली दवा अगर खाने-पीने की नली में नहीं जाती है तो रोजा सही है।
हेल्पलाइन पर एक सवाल आया कि अगर कोई शख्स अपने घर से 30 किलोमीटर के सफर पर नौकरी करने जाता है तो उसके रोजे के लिए शरीयत ने क्या बयान किया है? इस सवाल के जवाब में कहा गया कि वह रोजा रख सकता है। एक रोजेदार ने पूछा कि अगर कोई शख्स रोजे की नीयत करे और दिन के किसी हिस्से में जान-बूझकर रोजा तोड़ दे तो क्या हुक्म है? इस सवाल के जवाब में बताया गया कि जान-बूझकर रोजा तोड़ना हराम है और उसको तीन कफ्फारों में से कोई एक कफ्फारा अदा करना होगा। एक सवाल आया कि अगर कोई बीमार हो और वह जोहर से पहले ठीक हो जाए तो क्या रोजा रखना सही होगा? जवाब में कहा गया कि अगर उस शख्स ने कोई ऐसा काम नहीं किया है जो रोजे को टूट करता है, तो नीयत करके रोजा रख ले, उसका रोजा सही होगा।
