Ranji Final: फाइनल शो डाउन में बल्लेबाजी के लिए उतरा जम्मू, शुभम के नाबाद शतक से कर्नाटक के खिलाफ शानदार शुरुआत
हुबली। जम्मू कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने मंगलवार को यहां कर्नाटक के खिलाफ रणजी ट्रॉफी के फाइनल में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। कर्नाटक ने अपनी अंतिम एकादश में कोई बदलाव नहीं किया है। जम्मू कश्मीर में शुभम खजुरिया और विवरंत शर्मा की जगह साहिल लोत्रा और कामरन इकबाल को टीम में शामिल किया।
शुभम के नाबाद शतक से कर्नाटक के खिलाफ शानदार शुरुआत
शुभम पुंडीर ने शानदार नाबाद शतक बनाकर जम्मू और कश्मीर को मंगलवार को कर्नाटक के खिलाफ अपने पहले रणजी ट्रॉफी फाइनल के पहले दिन का खेल खत्म होने तक दो विकेट पर 284 रन के साथ मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। शुभम ने 12 चौके और दो छक्के लगाते हुए 221 गेंदों में 117 रन की नाबाद पारी खेली।
कप्तान पारस डोगरा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था, जिसके बाद पुंडीर ने यावर हसन (88) के साथ दूसरे विकेट के लिए 139 रन की साझेदारी करके टीम को मजबूत आधार प्रदान किया। पहले दिन का खेल खत्म होने से पहले शुभम ने अब्दुल समद ( नाबाद 52) के साथ एक और शतकीय (अटूट 105 रन) साझेदारी कर ली। कर्नाटक की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने दोनों विकेट लिये।
रणजी फाइनल के पहले दिन जम्मू-कश्मीर का दबदबा
शुभम पुंडीर के नाबाद शतक और युवा यावर हसन की 88 रन की जुझारू पारी की बदौलत जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी फाइनल के पहले दिन मंगलवार को यहां कर्नाटक के खिलाफ दो विकेट पर 284 रन बना कर मजबूत शुरुआत की। खब्बू बल्लेबाज शुभम दिन का खेल खत्म होने पर 117 रन पर नाबाद हैं जबकि अब्दुल समद (नाबाद 52) अर्धशतकीय पारी के साथ उनका साथ निभा रहे हैं। कप्तान पारस डोगरा के चोट के कारण रिटायर हर्ट होने के बाद दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 105 रन की अटूट साझेदारी कर ली है।
इससे पहले 27 साल के शुभम और यावर ने दूसरे विकेट के लिए 139 रन जोड़कर आठ बार की चैंपियन टीम के खिलाफ बड़े स्कोर की नींव रखी। दो शतकीय साझेदारियों में शामिल शुभम ने शिखर शेट्टी के खिलाफ डीप मिड-विकेट के ऊपर छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया। इस उपलब्धि का जश्न उन्होंने हेलमेट उतारकर और ड्रेसिंग रूम की ओर हाथ उठाकर मनाया। मैच के आगे बढ़ने के साथ पिच से स्पिनरों को अधिक मदद मिलने की संभावना को देखते हुए जम्मू-कश्मीर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया जो अब तक सही साबित हुआ है।
मध्य प्रदेश और बंगाल जैसी स्थापित टीमों को नॉकआउट में हराकर पहली बार रणजी फाइनल में पहुंची जम्मू-कश्मीर को पहला झटका तब लगा जब कमरान इकबाल (छह) प्रसिद्ध कृष्णा की बाहर जाती गेंद पर स्लिप में केएल राहुल को कैच दे बैठे। इसके बाद यावर और शुभम ने पहले सत्र में टीम को संभाला और लंच तक स्कोर एक विकेट पर 104 रन पहुंचा दिया। लंच के समय यावर 57 और शुभम 38 रन पर नाबाद थे। दोनों ने आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते हुए कर्नाटक के अनुभवी गेंदबाजों को प्रभाव छोड़ने का मौका नहीं दिया।
नयी गेंद ने दिन की शुरुआत में बल्लेबाजों को परेशान किया और गेंद कई बार बल्ले को छकाती हुई निकल गई और कुछ किनारे भी लगे, लेकिन दोनों ने इस मुश्किल दौर को संयम के साथ झेल लिया। कर्नाटक के तीन तेज गेंदबाजों और लेग स्पिनर श्रेयस गोपाल ने अनुशासित लाइन-लेंथ रखी, लेकिन उन्हें मेहनत का फल नहीं मिला। सत्र में 55 विकेट लेकर फाइनल में पहुंचे गोपाल ने भी कुछ मौकों पर बल्लेबाजों को छकाया, मगर सफलता से दूर रहे। यावर और शुभम ने उन्हें लय पकड़ने का मौका नहीं दिया। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के प्रथम श्रेणी करियर के आखिरी मैच में 2025 में पदार्पण करने वाले 22 साल के यावर ने पिछले नौ मैचों से अर्धशतक नहीं लगाया था।
उन्होंने बड़े मंच पर यादगार प्रदर्शन करते हुए 13 चौके जड़े। कड़ी मेहनत कर शतक के करीब पहुंचने के बाद उन्होंने प्रसिद्ध की ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंद पर पहली स्लिप में राहुल को कैच थमा दिया। दिन के दोनों विकेट लगभग एक जैसे तरीके से गिरे। इससे पहले प्रसिद्ध की एक बाउंसर यावर के शरीर पर लगी थी, जिसके बाद उन्हें फिजियो की सहायता लेनी पड़ी।
कप्तान डोगरा भी प्रसिद्ध की बाउंसर गर्दन पर लगने से चोटिल हुए। गेंदबाज ने फॉरवर्ड शॉर्ट-लेग पर कैच की अपील की, लेकिन रीप्ले में साफ हुआ कि गेंद ने बल्ले या दस्ताने को नहीं छुआ था। डोगरा हालांकि एक और बाउंसर से बचने की कोशिश में दोबारा चोटिल हो गए और फिजियो को आइस पैक लगाना पड़ा। कोच अजय शर्मा के संकेत पर डोगरा ड्रेसिंग रूम लौट गए, जिससे समद क्रीज पर आए। शुभम और समद ने सहजता से बल्लेबाजी करते हुए नाबाद शतकीय साझेदारी के साथ टीम की स्थिति को और मजबूत कर दिया।
