हनुमान चालीसा VS नमाज: लखनऊ विश्वविद्यालय गेट पर छिड़ा संग्राम, हिरासत में लिए कई छात्र
लखनऊ: लखनऊ विश्वविद्यालय के परिसर में लाल बारादरी स्थित ऐतिहासिक मस्जिद को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने हाल ही में यहां नमाज़ अदा किए जाने के विरोध में मस्जिद के समीप इकट्ठा होकर हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने "जय श्री राम" के नारे लगाए और उस जगह के "शुद्धिकरण" की मांग की, जहां कुछ दिन पहले मुस्लिम छात्रों ने नमाज़ पढ़ी थी।
प्रदर्शन के दौरान ABVP सदस्य परिसर में मार्च करते हुए आगे बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। वीडियो फुटेज में दिखा कि प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और हनुमान चालीसा पढ़ने लगे। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और कई छात्रों को हिरासत में ले लिया। उन्हें बस में बैठाकर पुलिस लाइन ले जाया गया। परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और आगे की कार्रवाई की जानकारी बाद में दी जाएगी। वहीं, विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर राकेश द्विवेदी ने कहा कि प्रशासन छात्रों से बातचीत कर रहा है और मामले को सुलझाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने नमाज़ से जुड़े विवाद पर पुलिस को पूरी जानकारी सौंपी है, लेकिन कार्रवाई पुलिस का विषय बताया।
यह विरोध एक दिन पहले एनएसयूआई के प्रदर्शन के जवाब में हुआ। एनएसयूआई ने आरोप लगाया था कि लाल बारादरी मस्जिद में ताला लगा दिया गया, जहां मुस्लिम छात्र लंबे समय से नमाज़ अदा करते आ रहे थे। उन्होंने दावा किया कि शनिवार को ताला लगने के बाद रविवार को छात्रों ने बाहर नमाज़ पढ़ी और एनएसयूआई कार्यकर्ता उनकी सुरक्षा में खड़े रहे। एनएसयूआई के एक पदाधिकारी ने कहा कि मुस्लिम छात्र मस्जिद में नमाज़ पढ़ते हैं, जबकि हिंदू छात्र गेट नंबर एक के पास मंदिर में पूजा करते हैं।
ABVP के एक नेता ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि परिसर में नमाज़ की इजाजत दी गई तो वे भी हनुमान चालीसा पढ़ेंगे। विवाद के चलते प्रशासन ने सतर्कता बरती और पुलिस की मजबूत मौजूदगी सुनिश्चित की।
यह घटना कैंपस में धार्मिक गतिविधियों और छात्र संगठनों के बीच बढ़ते टकराव को दर्शाती है, जहां दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। स्थिति पर सभी की नजर टिकी हुई है।
