कानपुर : न्यू कानपुर सिटी भूमि अधिग्रहण मामले में केडीए को बड़ी राहत

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Published By Deepak Mishra
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कानपुर। कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) को न्यू कानपुर सिटी योजना से संबंधित भूमि अधिग्रहण मामले में बड़ी सफलता मिली है। ग्राम बैरी अकबरपुर कछार से जुड़े प्रकरण में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्राधिकरण के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी एवं न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने नौ फरवरी को दिए अपने निर्णय में कहा कि अत्यधिक विलंब किसी भी अधिग्रहण की कार्यवाही को चुनौती देने के अधिकार को समाप्त कर देता है। 

मामला सर्वेश कुमार व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य शीर्षक से न्यायालय में विचाराधीन था। प्राधिकरण की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता यश पाड़िया ने न्यायालय को अवगत कराया कि संबंधित भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया वर्ष 1996 में प्रारंभ हुई थी और वर्ष 2010 में पूर्ण हो गई थी, जबकि वादकारियों ने इसे पहली बार वर्ष 2025 में चुनौती दी। 

न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि यद्यपि इसी अधिग्रहण से संबंधित अन्य मामलों में कुछ वादकारियों को राहत प्रदान की गई थी, लेकिन वर्तमान मामले में 15 वर्ष से अधिक के विलंब के कारण समान राहत देना न्यायहित में नहीं है। साथ ही, वादकारियों द्वारा वर्ष 2013 के नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत मुआवजा दिए जाने के दावे को भी न्यायालय ने खारिज कर दिया। इस निर्णय को न्यू कानपुर सिटी परियोजना के क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

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