कानपुर मेट्रो : बारादेवी-नौबस्ता सेक्शन पर 5 एलिवेटेड स्टेशनों में 20 लिफ्ट इंस्टॉल, लोड टेस्टिंग पूर्ण

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Published By Deepak Mishra
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कानपुर। कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-1 (आईआईटी-नौबस्ता) के तीसरे चरण में मेट्रो सेवा को कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक विस्तारित करने की दिशा में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में बारादेवी से नौबस्ता तक के पांच एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों बारादेवी, किदवई नगर, बसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता पर कुल 20 लिफ्टों का इंस्टॉलेशन कार्य पूरा कर लिया गया है।

मंगलवार को इन सभी लिफ्टों की लोड टेस्टिंग भी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। परियोजना अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक एलिवेटेड स्टेशन पर प्रवेश द्वार से कॉनकोर्स तथा कॉनकोर्स से प्लेटफॉर्म तक आवागमन के लिए चार-चार लिफ्ट लगाई गई हैं। साथ ही इन स्टेशनों पर प्रस्तावित 15 एस्केलेटरों का इंस्टॉलेशन भी पूरा हो चुका है।

सभी लिफ्ट 'मेक इन इंडिया' अभियान के तहत भारत में निर्मित हैं और पर्यावरण हितैषी रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग तकनीक से युक्त हैं, जिससे ऊर्जा की बचत होती है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए लिफ्टों में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। कॉरिडोर-1 के बैलेंस सेक्शन (कानपुर सेंट्रल-नौबस्ता) में आने वाले दो अंडरग्राउंड स्टेशनों झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर में भी सिस्टम इंस्टॉलेशन तेजी से प्रगति पर है।

यहां कुल आठ में से सात एस्केलेटर और छह में से चार लिफ्ट इंस्टॉल की जा चुकी हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने निदेशक/रोलिंग स्टॉक एंड सिस्टम नवीन कुमार, निदेशक/वर्क्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सी. पी. सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कॉरिडोर-1 एवं कॉरिडोर-2 के निर्माणाधीन स्टेशनों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक ने कहा कि कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक यात्री सेवाओं के विस्तार के लिए सिविल निर्माण के साथ-साथ सिस्टम इंस्टॉलेशन कार्य समानांतर रूप से किए जा रहे हैं। 'मेक इन इंडिया' के तहत देश में निर्मित लिफ्ट और एस्केलेटर यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और ऊर्जा दक्ष सुविधाएं प्रदान करेंगे। 

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