Holi Alert: मिठाइयाें पर नहीं मानक का टैग... दुकानों पर ''बेस्ट बिफोर यूज'' का टैग लगाए बिना बिक रहीं मिठाइयां
एफएसडीए 5 साल बाद भी नहीं करा पाया नियम का अनुपालन
लखनऊ, अमृत विचार : शहर की मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंट में मिठाइयों पर बेस्ट बिफोर यूज टैग नहीं लगाया जा रहा है। 2020 में जारी एफएसएसएआई की गाइडलाइन के अनुसार पैक्ड मिठाइयां बेचने पर एक्सपायरी या यूज बाई डेट लिखना अनिवार्य है। लागू होने के पांच वर्ष बाद भी शहर की ज्यादातर दुकानों पर इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। बड़े प्रतिष्ठान ही पैक्ड मिठाइयाें पर बेस्ट बिफोर यूज टैग लगा रहे हैं।
गली मोहल्लों से लेकर बाजारों में खुलीं मिठाई की दुकानों पर कई कई दिन पुरानी मिठाइयां बेची जा रही हैं। ज्यादातर दुकानदार मिठाई के बनाए जाने और प्रयोग की तिथि प्रदर्शित नहीं करते हैं। खुली मिठाइयां बेचने पर नियमानुसार ग्राहकों को ये भी बतना जरूरी है कि मिठाई कब बनी है और कितने दिन तक इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। मिठाई फ्रिज में रखी जा सकती है या नहीं।
हालांकि ज्यादार छोटे दुकानदार और ग्राहक भी इस नियम से अनभिज्ञ हैं। इससे दुकानदारों और ग्राहकों को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ओर से जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की जरूरत है। जिससे की ग्राहक अपने अधिकार का प्रयोग कर दुकानदार से आवश्यक जानकारी लेने के बाद ही मिठाई खरीदें और बिल भी लें। ताकि खराब मिठाई खराब निकलने या उसके सेवन से तबियत बिगड़ने पर दुकानदार के खिलाफ एफएसडीए कार्रवाई कर सके। इस संबंध में सहायक आयुक्त खाद्य विजय प्रताप सिंह ने कहा कि मिठाई विक्रेताओं को जागरूक करने के लिए होली के बाद अभियान चलाया जाएगा। खुली मिठाइयां बेचने के दौरान क्या सावधानियां बरती जाएं और ग्राहकों को निर्माण और इस्तेमाल की तिथि बताई जाए। जिससे ग्राहक मिठाई का निर्धारित अवधि तक ही इस्तेमाल करें।
