बड़ा दावा : शंकराचार्य पर यौन शोषण के आरोप लगाने का मिला था लालच

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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शाहजहांपुर, अमृत विचार। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर लगाए गए कथित यौन शोषण के आरोपों के बीच शाहजहांपुर के एक व्यक्ति ने सनसनीखेज दावा किया है। उसका कहना है कि आशुतोष पांडेय ने उससे संपर्क कर अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप लगाने के लिए कहा था और बदले में मोटी रकम देने का भरोसा दिलाया था।

शहर के एक मोहल्ले में रहने वाले व्यक्ति के अनुसार 18 फरवरी की शाम वह सुभाषनगर रिंग रोड पर था, तभी तीन अज्ञात लोगों ने उसे रोककर उसके पिता का नाम लेकर बातचीत शुरू की। इसके बाद एक काम के बदले अच्छे रुपये देने का लालच दिया गया। जब उसने काम के बारे में पूछा तो उन लोगों ने फोन मिलाकर उसकी बात आशुतोष पांडेय से कराई। व्यक्ति का कहना है कि फोन पर आशुतोष पांडेय ने उसके पिता का नाम लेते हुए उनके निधन पर न आ पाने की बात कही। 

इसके बाद उसने कहा कि दंडी बाबा परेशान कर रहा है और एक बच्ची को लेकर अविमुक्तेश्वरानंद पर काशी या बद्रीनाथ आश्रम में आरोप लगाने को कहा। बदले में इतना रुपया देने की बात कही गई, जिससे वह दूसरी जगह आराम से बस सके। बताया गया कि संबंधित व्यक्ति ने रुपयों के लालच में ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद आशुतोष पांडेय ने यह कहते हुए फोन काट दिया कि दूसरा विकल्प खुला है। बाद में जब उसे जानकारी मिली कि अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ इसी तरह का मुकदमा दर्ज कराया गया है तो उसने स्वयं शंकराचार्य से संपर्क किया। वह अपने परिवार के साथ बनारस पहुंचा और पूरी बात बताई। इस दावे के सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोप साजिश का हिस्सा: जयेश प्रसाद
समाजवादी पार्टी के नेता व पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद ने अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि संत समाज की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से सुनियोजित तरीके से यह प्रकरण खड़ा किया गया है। जयेश प्रसाद ने कहा कि जिनके माध्यम से स्वामी पर आरोप लगाए गए हैं, वह हरदोई जिला का निवासी आशुतोष पांडेय है। उनके अनुसार उक्त व्यक्ति के खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने संबंधित एफआईआर की प्रति भी मीडिया को दिखाई और दावा किया कि जिस समय उस व्यक्ति पर मामले दर्ज हुए, उस दौरान उसे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के संरक्षण में संघ भवन में शरण दी गई थी। 

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से आशुतोष पांडेय को संरक्षण देकर शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक द्वेष से प्रेरित कार्रवाई है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। पूर्व एमएलसी ने कहा कि संत समाज को राजनीतिक साजिश में घसीटने की कोशिश हो रही है, लेकिन इस तरह के प्रयास सफल नहीं होंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सच्चाई को जनता तक पहुंचाएं और अफवाहों से सावधान रहें।

 

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