Bareilly: चीनी मिलों पर 671 करोड़ बकाया... किसानों की फीकी रहेगी होली
बरेली, अमृत विचार। अपनी मेहनत से मिठास देने वाले मंडल के एक लाख से अधिक गन्ना किसानों की होली फीकी रहेगी। कारण यह है कि मंडल की 16 चीनी मिलें चालू पेराई सत्र का 671.16 करोड़ रुपये दबाए बैठीं हैं। बरखेड़ा की बजाज शुगर मिल पर सर्वाधिक 154.24 करोड़ रुपये का बकाया हैं। दूसरा स्थान मकसूदापुर की बजाज शुगर मिल का है। मिल किसानों का 115 करोड़ दबाए बैठी है। गन्ना किसानों को 14 दिन के भीतर भुगतान के दावे हवाई साबित हो रहे हैं।
गन्ना विभाग से मिली आंकड़ों की बात करें तो मंडल में पांच लाख से गन्ना किसान 16 चीनी मिलों को लगभग 13 लाख क्विंटल गन्ना की आपूर्ति करते हैं। होली का त्योहार सिर पर है। किसान चाहते हैं कि इस सत्र में बेचे गए गन्ने का पूरा भुगतान होली से पहले मिल जाए, लेकिन चीनी मिलें बकाए पर कुंडली मारे बैठी हैं। वहीं, विभागीय अफसर भी खामोश हैं। गन्ने का भुगतान नहीं हुआ तो अधिकांश किसानों को होली पर हाथ खाली रहेगा। जिलेवार आंकड़े देखें तो पीलीभीत के किसानों के सबसे ज्यादा 285.60 करोड़ रुपये बकाया है। दूसरे नंबर पर शाहजहांपुर के किसानों के 216.85 करोड़, बरेली के किसानों के 120.55 करोड़ और बदायूं के किसानों के 48.16 करोड़ रुपये बकाया हैं।
किसानों का पैसा रोककर कमाई करने में लगीं मिलें
सूत्र बताते हैं चीनी मिलें सहकारी समितियों से किसानों को गन्ने की बुवाई के समय खाद और बीज देती हैं तो उसका पैसा ब्याज समेत गन्ना बिक्री के समय काटा जाता है। मगर, गन्ने का बकाया मिलों पर कितने ही दिन बना रहे, किसानों को चीनी सस्ती होने का बहाना बनाकर बकाया पर ब्याज नहीं दिया जाता। बरेली की बहेड़ी, पीलीभीत की बरखेड़ा, शाहजहांपुर की मकसूदा मिल तो हमेशा से ही किसानों का बकाया लंबे समय रोककर बिना ब्याज भुगतान करती हैं।
मंडल की चीनी मिलों पर कुछ इस तरह है बकाया
फरीदपुर की द्वारिकेश शुगर मिल पर 27.96, बहेड़ी की केसर शुगर मिल पर 31.68, मीरगंज की धामपुर पर 24.95, बहादुरगंज की त्रिवटीनाथ पर 1.39 और सेमीखंडा की सहकारी चीनी मिल 34.57 करोड़ बकाया है। इसी तरह पीलीभीत की एलएच शुगर मिल पर 55.24, बरखेड़ा की बजाज पर 154.24, बीसलपुर की सहकारी मिल पर 23.92, पूरनपुर की सहकारी मिल पर 52.20 करोड़ का बकाया है। शाहजहांपुर में निगोही की डालमिया मिल पर 23.70, मकसूदापुर की बजाज मिल पर 115.40, रोजा की बिरला-अवध पर 16.76, तिलहर की सहकारी मिल पर 35.41, पुवांया की सहकारी मिल पर 25.58 करोड़ का बकाया है। वहीं, बदायूं की बिसौली स्थित यदु शुगर मिल पर 27.02 और बदायूं की सहकारी चीनी मिल 21.24 करोड़ रुपये दबाए बैठी है।
उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र ने बताया कि मैंने हाल ही में बकायेदार मिलों के अधिकारियों को तलब कर बैठक की है। भुगतान का शेड्यूल मांगा गया है। अगर फिर भी देरी करते हैं तो शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
