UP में अमेरिका व इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन, लखनऊ में हजारों लोग उतरे सड़कों पर

Amrit Vichar Network
Published By Virendra Pandey
On

लखनऊ, अमृत विचार : अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के विरोध में लोगों ने रविवार को राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन किया। लखनऊ में छोटे इमामबाड़े पर बड़ी संख्या में खासकर शिया समुदाय के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया और अमेरिका तथा इजराइल के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने 'खामेनेई की शहादत' को बहुत बड़ी क्षति करार देते हुए अमेरिका और इजराइल के 'कायरतापूर्ण' कृत्य की कड़ी निंदा की। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने आज रात साढ़े आठ बजे लखनऊ के छोटे इमामबाड़े पर विशाल विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसके अलावा शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने भी शोक सभा और कैंडल मार्च निकालने की घोषणा की है। 

जौनपुर से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई व उनके परिवार के सदस्यों की मौत की सूचना पर शिया मुसलमानों ने रविवार की सुबह प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने अमेरिका-इजराइल विरोधी नारे और खामेनेई की तस्वीर लगी तख्तियां हाथ में लेकर नगर कोतवाली क्षेत्र के पानदरीबा स्थित इमामबाड़े से जुलूस निकाला। इस जुलूस में शामिल लोगों ने अमेरिका व इजराइल के खिलाफ नारेबाजी भी की।

इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं। जुलूस में शामिल शिया धर्मगुरु मौलाना मोहम्मद रजा ने बताया कि आज जिस तरह से अमेरिका ने हमला कर मजबूत इरादों वाले शिया नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की है उससे पूरे विश्व में उनका चेहरा बेनकाब हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने ईरान के लोगों की सलामती की दुआ की और हमले से प्रभावित देशों में रह रहे भारतीयों की समुचित सुरक्षा के लिए पहल की मांग की। अलीगढ़ से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक खामेनेई की हत्या के विरोध में बड़ी संख्या में लोग अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पास इकट्ठा हुए और प्रदर्शन किया। 

अमेरिका और इजराइल विरोधी नारे लगाते हुए सैकड़ों प्रदर्शनकारी एएमयू परिसर से सटे इलाकों से निकलकर एएमयू सर्कल और बाब-ए-सर सैयद गेट पर एकत्र हुए। हालांकि किसी संगठन विशेष ने इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया था लेकिन ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत की खबर मिलने पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर एएमयू परिसर की तरफ रवाना हुए, जहां बड़ी संख्या में छात्र भी उनके साथ शामिल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें मांग की गई कि ईरान में अमेरिकी सेना द्वारा नागरिक क्षेत्रों पर अकारण बमबारी में दर्जनों स्कूली बच्चों की बेरहमी से हत्या के खिलाफ भारत को स्पष्ट विरोध जताना चाहिए। इस दौरान, एएमयू के पूर्व छात्र नेता महबूब आलम ने संवाददाताओं से कहा, "अयातुल्ला अली खामेनेई सिर्फ शिया विश्व समुदाय के आध्यात्मिक नेता नहीं थे बल्कि वह उन सभी लोगों की आवाज थे जो विश्व शांति के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही साम्राज्यवादी ताकतों के खिलाफ खड़े थे। बमबारी में उनकी मौत मानवता के लिए एक गंभीर क्षति है।" 

मुजफ्फरनगर से मिली रिपोर्ट के मुताबिक हजारों शिया मुसलमानों ने खामेनेई की हत्या के विरोध में उनकी तस्वीरें और काले झंडे लेकर जुलूस निकाला। पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने किदवई नगर इलाके से फखरशाह चौक तक जुलूस निकाला और जिलाधिकारी के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में लोगों ने भारत सरकार से मांग की कि वह ईरान में इजराइली और अमेरिकी हमलों के जरिये किये जा रहे सामूहिक हत्याकांड को रोके। शिया मौलाना असद रजा हुसैनी ने कहा, "हम ईरान में अयातुल्ला खामेनेई की नृशंस हत्या की निंदा करते हैं।" इस बीच जिले में विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं। इसके अलावा अंबेडकर नगर, रामपुर, बाराबंकी, शाहजहांपुर और गाजियाबाद समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों से खामेनेई की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन किए जाने की खबरें हैं। 

 

संबंधित समाचार