मथुरा में हाईड्रोलिक पिचकारी से खेली गई होली: देवकीनंदन महाराज ने बरसाया टेसू का रंग, भक्तों पर पुष्पवर्षा
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित प्रियाकान्तजु मंदिर में सोमवार को हाईड्रोलिक पिचकारी से सतरंगी होली खेली गई। दूर-दराज से वृंदावन पहुंचे श्रद्धालुओं पर कथा प्रवक्ता देवकीनंदन महाराज ने टेसू का रंग बरसाया, जिससे पूरा परिसर फागुन की मस्ती में झूम उठा। छटीकरा मार्ग स्थित मंदिर में सुबह 10 बजे देवकीनंदन महाराज ने गर्भगृह में प्रियाकान्तजु विग्रह को गुलाल अर्पित कर उत्सव की शुरुआत की। मंदिर प्रांगण में सजे मंच पर राधा-कृष्ण स्वरूपों के साथ ब्रज के गोप-ग्वालों ने हास-परिहास के बीच रसिया और होरी गीत प्रस्तुत किए।
राधा-कृष्ण की मनुहार और संवादों से भक्त भावविभोर हो उठे। फूलों की होली से प्रारंभ हुए महोत्सव में भक्तों पर पुष्पवर्षा की गई। इसके बाद लड्डू-जलेबी का प्रसाद वितरित किया गया और बरसाने की परंपरा के अनुसार लठामार होली का भी आयोजन हुआ। चारों ओर उड़ते गुलाल से वातावरण सतरंगी हो गया। मंदिर की अट्टालिका से देवकीनंदन महाराज ने हजारों श्रद्धालुओं पर टेसू का रंग बरसाया।
'मेरो खोय गयो बाजूबंद रसिया होरी में' और 'मैं तो होरी खेलूं रसभरी, प्रियाकान्तजु संग' जैसे भजनों पर भक्तों ने जमकर ठुमके लगाए। हाईड्रोलिक पिचकारी से बरसते रंगों के बीच "राधे-राधे" के जयकारों से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर देवकीनंदन महाराज ने होली को प्रेम का त्योहार बताते हुए नशामुक्त होकर पर्व मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी पर जबरन रंग न डालें और आपसी प्रेम व सद्भाव के साथ त्योहार मनाएं। साथ ही उन्होंने सनातन बोर्ड की मांग दोहराते हुए धार्मिक स्थलों और परंपराओं के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
