Women's Day Special: सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया मॉडल बना यूपी, इन योजनाओं ने बदली बेटियों की तस्वीर

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर प्रदेश में महिलाओं के सशक्तीकरण की नई तस्वीर उभरकर सामने आई है। पिछले 9 वर्षों में सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और आर्थिक स्वावलंबन से जुड़ी योजनाओं के जरिए प्रदेश की बेटियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिले हैं। सरकार का दावा है कि अब प्रदेश में महिलाएं दिन हो या रात, भयमुक्त होकर स्कूल, कॉलेज और कार्यस्थलों तक आ-जा रही हैं।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए वर्ष 2020 में शुरू किया गया मिशन शक्ति अभियान सफल साबित हुआ है। इसके तहत प्रदेश में 1694 एंटी रोमियो स्क्वायड सक्रिय हैं, जिन्होंने अब तक 1.18 करोड़ से अधिक सार्वजनिक स्थलों की चेकिंग की और 4.52 करोड़ से अधिक लोगों की जांच की है। इस दौरान 24,871 मुकदमे दर्ज किए गए और 33,268 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। सेफ सिटी परियोजना के तहत 17 नगर निगमों और गौतमबुद्ध नगर में करीब 7.95 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और 4,150 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं।

सुरक्षा के लिए सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क

महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए प्रदेश में संस्थागत ढांचे को भी सुदृढ़ किया गया है। राज्य में 44 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती की जा चुकी है और सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। महिला हेल्पलाइन 1090 और आपातकालीन सेवा 112 के एकीकरण से त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा प्रदेश में 9,172 महिला बीट भी सक्रिय हैं।

आधुनिक रोजगार से आत्मनिर्भर हो रहीं महिलाएं

महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कौशल विकास और रोजगार पर भी विशेष जोर दिया गया है। उप्र. स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत युवतियों को आईटी, हेल्थकेयर, फैशन डिजाइनिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और ब्यूटी एंड वेलनेस समेत करीब 35 सेक्टरों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे आधुनिक रोजगार के अवसरों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिला है। उप्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 9.11 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 99 लाख से ज्यादा महिलाओं को जोड़ा गया है। लखपति महिला योजना के तहत 33 लाख से अधिक महिलाओं की पहचान की गई है, जिनमें से 18 लाख से अधिक महिलाएं लखपति की श्रेणी में पहुंच चुकी हैं।

कन्याओं के लिए वरदान सुमंगला योजना

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत 26.78 लाख बालिकाओं को लाभ मिला है, जबकि निराश्रित महिला पेंशन योजना से 38.58 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से अब तक 2.39 लाख महिलाओं को सहायता दी जा चुकी है और 181 महिला हेल्पलाइन से 8.42 लाख महिलाओं को मदद मिली है।

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