मिशन शक्ति का नया अध्याय! योगी सरकार जल्द लॉन्च करेगी ‘लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’, मेधावी बेटियों को मिलेगी फ्री स्कूटी

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बहुत जल्द लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लॉन्च होगी, जिसके पहले चरण में स्नातक व परास्नातक के अंतिम वर्ष की मेधावी बेटियों को लाभान्वित करेंगे। दूसरे चरण में धीरे-धीरे अन्य को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने घोषणा की कि मिशन शक्ति अभियान का अगला चरण नवरात्रि से शुरू होगा। योगी ने महिला सशक्तीकरण की योजनाएं गिनाते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में विधानसभा व संसद में भी 33 फीसदी सीटों पर बेटियां व बहनें चुनकर जाएंगी। मुख्यमंत्री रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रय में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित करने के साथ पिंक रोजगार महाकुंभ-2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में आए व्यापक बदलाव के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5-टी मॉडल—ट्रेडिशन, टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन की बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की। इसके बाद मातृवंदना योजना समेत कई योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जोड़ा गया, जिससे देशभर की बेटियां स्वावलंबन की ओर बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी और श्रम विभाग की लघु फिल्म का भी अवलोकन किया तथा विभिन्न योजनाओं से जुड़ी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य, अनिल राजभर, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, मनोहर लाल ‘मन्नू कोरी’, महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष कमलावती सिंह, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान, उपाध्यक्ष अपर्णा यादव सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बेटी के जन्म से शिक्षा तक सरकार का सहारा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाओं का उद्देश्य बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है और वर्तमान में प्रदेश की लगभग 27 लाख बेटियां इसका लाभ ले रही हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार अब एक विवाह पर लगभग एक लाख रुपये खर्च कर रही है और अब तक चार लाख से अधिक बेटियों के विवाह में सरकार ने सहयोग दिया है।

बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों की धरती पर जगह नहीं

योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के पहले बेटी-व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। कर्फ्यू, दंगा, पलायन, दुर्व्यवस्था, अराजकता यूपी की पहचान बन गए थे। यूपी के कई जनपदों में अभिभावक बेटियों को स्कूल नहीं भेजते थे, यदि बेटी को पढ़ाना है तो यूपी के बाहर हॉस्टल या रिश्तेदार के यहां भेज देते थे। लेकिन अब यूपी की हर बेटी खुद को सुरक्षित महसूस करती है। आज बेटियां स्कूल जा रही हैं। कोई डर-संकोच नहीं, सुरक्षा सरकार के जिम्मे है। शोहदों के इलाज के लिए यूपी पुलिस में 20 फीसदी बेटियों की भर्ती की गई। सीएम ने दो-टूक कहा कि बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों को इस धरती पर जगह नहीं मिलेगी।

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