Moradabad: बढ़ रही गर्मी रबी की फसलों को पहुंचा सकती है नुकसान
रामपुर, अमृत विचार। मार्च के शुरुआती सप्ताह में तेजी से बढ़ती हुई गर्मी रबी की फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। गर्मी बढ़ने से गेहूं और मसूर जल्दी पक जाएगा और गेहूं का दाना छोटा रह जाएगा। चैत्र में ही पारा 33 डिग्री तक पहुंच रहा है। गर्मी इतनी बढ़ गई है कि लोगों को पंखे चलाकर ही चैन मिल रहा है।
कृषि विज्ञान केंद्र धमोरा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह गंगवार बताते हैं कि मार्च के शुरुआती सप्ताह में गेहूं के दाने में दूध पड़ता है। यदि तापमान से ऊपर चला जाए, तो दाना समय से पहले पकने लगता है, जिससे वह छोटा और पिचक जाता है। इसे ही टर्मिनल हीट स्ट्रेस कहा जाता है। फसल अपना जीवन चक्र जल्दी पूरा कर लेती है, जिससे उत्पादन में दस से बीस प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। इससे गेहूं का अच्छा बाजार भाव नहीं मिल पाता है।
बताते हैं कि फसल पर बढ़ती गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए फसल पर पोटेशियम नाइट्रेट का स्प्रे करें। पोटेशियम नाइट्रेट फसल के रंध्रों को नियंत्रित करता है और नमी को सूखने से रोकता है। बताते हैं कि पोटेशियम नाइट्रेट का 1 किलो प्रति एकड़ में छिड़काव करें। इससे दाना मोटा होगा और उसमें चमक आ जाएगी। बताया कि इसमें बोरॉन मिलाने से दानों तक पोषक तत्व आसानी से पहुंच जाएंगे। इसे 100 ग्राम प्रति एकड़ पोटेशियम नाइट्रेट में मिलाकर छिड़काव किया जा सकता है।
गर्मी के दौरान किसान खेत में नमी बनाए रखें। शाम के समय हल्की सिंचाई करें। इससे मिट्टी का तापमान गिरता है और फसल को ठंडक मिलती है। यदि हवा तेज चल रही हो, तो सिंचाई न करें, अन्यथा फसल गिरने का डर रहता है। हमेशा सुबह 10 बजे से पहले या शाम को 4 बजे के बाद ही स्प्रे करें। - राम किशन सिंह, उप कृषि निदेशक
