शासन तक पहुंची लूट-खसोट की शिकायत: काम एक हजार का...रिश्वत मांगी जा रही दस हजार !
बरेली, अमृत विचार। परिवहन कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और ''सुविधा शुल्क'' के नाम पर मची लूट अब शासन तक पहुंच गई है। भारतीय जनता पार्टी के निवर्तमान महामंत्री यतिन भाटिया ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर डीटीआई कार्यालय में वसूली के गंभीर आरोप जड़े हैं।
शिकायत में कहा गया है कि आरआई ने कार्यालय को भ्रष्टाचार का अड्डा बना रखा है, जहां गरीब जनता से सरकारी फीस के नाम पर डकैती डाली जा रही है। एक हजार के सरकारी शुल्क के काम के बदले पांच से दस हजार तक की रिश्वत खुलेआम वसूली जा रही है।
भाजपा नेता ने इस संगठित भ्रष्टाचार को सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर सीधा प्रहार बताया है। यतिन भाटिया का आरोप है कि आरआई ने अवैध वसूली के लिए एक प्राइवेट व्यक्ति को अपने कार्यालय में ''अघोषित'' तौर पर नियुक्त कर रखा है। यही प्राइवेट गिरोह जनता से सौदेबाजी करता है और रिश्वत की रकम इकट्ठा करता है।
यदि कोई व्यक्ति बिना रिश्वत दिए सीधे खिड़की पर पहुंचता है, तो उसे महीनों चक्कर कटवाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। साथ ही, आरआई पर एक ''वर्ग विशेष'' के कार्यों को प्राथमिकता देने और सरकार की छवि धूमिल करने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री से मामले की गोपनीय जांच कराने और उनकी अकूत आय व बेनामी संपत्तियों का खुलासा कर सख्त कार्रवाई की जाने की मांग की है। एआरटीओ प्रशासन डा. पीके सरोज का कहना है कि शिकायत की उनको जानकारी नहीं है। यदि इस तरह की कोई शिकायत मिलती है तो इसे दिखवाया जाएगा।
