युद्ध का असर : खाड़ी देशों में जरी के काम की सप्लाई बंद

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Published By Pradeep Kumar
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ईद का त्योहार पास होने के चलते काम नहीं होने से कारीगर संकट में आए

बरेली, अमृत विचार। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच पिछले 13 दिन से चल रहे युद्ध से आयात-निर्यात भी प्रभावित हो गया है। खाड़ी देशों के एयरपोर्ट बंद होने से माल अटक गया है। ऐसे में ईद का त्योहार पास होने से कारोबारी और कारीगर संकट में है। कारीगरों का कहना है कि सीजन के समय में काम नहीं होने से वे खाली बैठे हैं। जरी कारीगरों की ईद की खुशियां फीकी नजर आ रही हैं।

जिले में जरी का बड़ा कारोबार है। शहर से लेकर देहात तक महिला कारीगरों को लगाकर इस कारोबार से करीब पांच लाख लोग जुड़े हैं। शहर में जरी का तैयार माल सऊदी अरब, दुबई, कतर, ओमान, कुवैत समेत अन्य खाड़ी देशों में जाता है। ईद पर कारोबारियों से लेकर कारीगरों का सीजन का समय होता है। जरी के काम की मांग इतनी होती है कि उसे पूरा नहीं कर पाते हैं। अमेरिया, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते कई अरब देशों के एयरपोर्ट बंद कर दिए गए हैं। इसके साथ ही तमाम उड़ानें भी निरस्त चल रही हैं। जो माल दिल्ली एयरपोर्ट पर भेजा गया था, वह रुक गया है। युद्ध के असर ने इस पूरे सीजन को बर्बाद कर दिया है। न केवल बड़े निर्यातक, बल्कि छोटे मजदूर और मटेरियल सप्लायर भी इस आर्थिक तंगी की चपेट में आ गए हैं। जरी कारीगरों का कहना है कि ईद का त्योहार सही जाने की उम्मीद थी, लेकिन विदेश में हुई लड़ाई से 10 रमजान के बाद काम पूरी तरह से बंद हो गया है।

महिलाओं से लेकर बच्चे भी जरी के काम से जुड़े
जिले में मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में मुस्लिम महिलाएं, बच्चे और पुरुषों का पूरा परिवार इसी काम के सहारे जीवन गुजर बसर कर रहे हैं, लेकिन निर्यात रुकने के बाद काम बंद होने से जरी कारीगर परेशान हैं। ईद के बाद मुस्लिम समाज में शादियों का दौर शुरू हो जाएगा। यह ऐसा समय है जब जरी-जरदोजी की बिक्री सबसे ज्यादा होती है, लेकिन इस समय काम पूरी तरह से बंद पड़ा है।

माल वापस होने पर हो रहा नुकसान
जरी कारोबारियों के पास ईद को लेकर जनवरी से ही बड़ी संख्या में खाड़ी देशों के आर्डर आ गए थे, लेकिन जब माल भेजने का वक्त आया तभी युद्ध शुरू हो गया। ऐसे भारी मात्रा में तैयार माल वापस आने लगा, जिससे कारोबारियों और निर्यातकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जरी कारोबारियों का कहना है कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते और एयरपोर्ट नहीं खुलते, तब तक माल का निर्यात मुश्किल ही दिख रहा है।

कारोबारी और कारीगरों की बात
ईद के मौके पर काम की डिमांड अधिक रहती है, विदेश में भी बड़ी संख्या में माल जाता था, लेकिन खाड़ी देश में लड़ाई के चलते माल अटक गया है, रमजान में जहां बड़ी संख्या में माल विदेश जाता था, लेकिन अब सन्नाटा पसरा है। -लईक अहमद, जरी कारोबारी

बरेली में तैयार जरी के काम की मांग देश भर के साथ बड़ी संख्या में विदेश में रहती है, लेकिन ईरान और इजरायल-अमेरिका के हमले के चलते काम बंद चल रहा है, विदेश भेजा गया माल एयरपोर्ट पर फंस गया है, ऐसे में नुकसान हो रहा है। -हामिद, जरी कारोबारी

शुरू के 10 रमजान काम अच्छा चल, लेकिन अब कारखानों में मंदी छा गई है। इसकी वजह विदेश में चल रही जंग बताई जा रही है, करीब 10 दिन से कम न होने की वजह से खाली बैठे हैं, ईद का त्योहार सिर पर हैं,परिवार की चिंता सता रही है। -नहीम, कारीगर

ईद के मौके पर इस बार अच्छा काम होने की उम्मीद थी, लेकिन बाहर माल नहीं जाने के चलते काम ठप हो गया है। उम्मीद करते हैं कि एक-दो दिन में काम फिर से सही होकर पुराने तरीके पर आ जाए जिससे रोजी-रोटी चल सके। -दिलशाद, जरी कारीगर

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