कानपुर : म्यूचुअल फंड निवेशकों की सुरक्षा के लिए ‘डेबिट फ्रीज’ सुविधा

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Published By Virendra Pandey
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कानपुर, अमृत विचार : भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने म्यूचुअल फंड निवेशकों की यूनिट्स की डिजिटल सुरक्षा के लिए नई वैकल्पिक ''लॉक-इन'' या ''डेबिट फ्रीज'' सुविधा शुरू करने की घोषणा की है। यह सुविधा डीमैट और गैर-डीमैट दोनों तरह के फोलियो को उपलब्ध होगी, जिससे अनधिकृत डेबिट को रोका जा सकेगा।

सेबी की इस पहल से निवेशक अपनी यूनिट्स को स्वेच्छा से लॉक कर सकेंगे, जब तक वे इसे अनलॉक न करें। सेबी के अनुसार 30 अप्रैल से प्रभावी होने वाली यह सुविधा एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के परामर्श से लागू की जा रही है।

इस तरह काम करेगी सुविधा

डेबिट फ्रीज सुविधा को सबसे पहले एमएफ सेंट्रल प्लेटफॉर्म के माध्यम से रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट्स (आरटीए) द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। एमएफ सेंट्रल एक इंटर-ऑपरेबल आरटीए प्लेटफॉर्म है, जिसकी शुरुआत सेबी ने म्यूचुअल फंड लेन-देन और सेवा अनुरोधों में निवेशक अनुभव सुधारने के लिए की थी।

यह सुविधा केवल केवाईसी अनुपालन वाले (रजिस्टर्ड/वैलिडेटेड) निवेशकों के लिए होगी, जिनके पास वैध ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दोनों मौजूद हों। एम्फी सभी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) और आरटीए के साथ लॉकिंग व अनलॉकिंग की विस्तृत प्रक्रिया निर्धारित करेगा।

म्यूचुअल फंड निवेश में प्रदेश में दूसरे स्थान पर है शहर

वित्तीय सलाहकार राजीव सिंह ने बताया कि सेबी ने यह कदम निवेशकों के हितों की रक्षा और सिक्योरिटीज मार्केट के विकास को बढ़ावा देने के लिए उठाया है। एम्फी के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, म्यूचुअल फण्ड निवेश में कानपुर देश में 14वें और प्रदेश में दूसरे स्थान पर है।

देश के औसत एयूएम में शहर की हिस्सेदारी 0.47% है। इस तरह कानपुर का औसत एयूएम 38,546 करोड़ रुपये है। सेबी की नई सुविधा डिजिटल धोखाधड़ी से सुरक्षा बढ़ाएगी और निवेशकों को अपने फंड्स पर अधिक नियंत्रण देने में मदद करेगी। इससे म्यूचुअल फंड बाजार में भरोसा बढ़ेगा।

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