मजदूर दिवस पर शिकागो आंदोलन के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि, रेल नीतियों के खिलाफ एकजुटता का संकल्प

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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सुलतानपुर। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन ने सुल्तानपुर कार्यालय में शुक्रवार को एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया। इस दौरान 1886 के शिकागो आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और वर्तमान रेल नीतियों के खिलाफ एकजुटता का संकल्प लिया गया। शाखा अध्यक्ष ज्योति श्रीवास्तव ने सभी रेलकर्मियों का स्वागत करते हुए कहा कि मजदूर दिवस केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि पूर्वजों के बलिदान और अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष का प्रतीक है।

उन्होंने एकता को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। शाखा मंत्री आसिम सज्जाद ने रेलकर्मियों को वर्तमान चुनौतियों के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा कि बिखराव सबसे बड़ी कमजोरी है और यदि संगठन मजबूत नहीं हुआ तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। पूर्व शाखा मंत्री एस.सी. द्विवेदी ने विभाग की 'राशनलाइजेशन' नीति पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि नई ट्रेनें बढ़ रही हैं, लेकिन पदों को लगातार सरेंडर किया जा रहा है। द्विवेदी ने सेफ्टी कैटेगरी में रिक्तियां न भरने को यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ बताया और निजीकरण के नाम पर हो रही छंटनी को तत्काल रोकने की मांग की। कार्यक्रम का संचालन के.सी. मीणा ने किया। संगोष्ठी में भूपेंद्र सिंह, अमरेंद्र यादव, अजय दुबे, राकेश यादव और यशवंत सिंह सहित अन्य प्रमुख वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए।

संगोष्ठी में बड़ी संख्या में रेल कर्मचारियों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों में कपिल देव तिवारी, हिमांशु चौबे, केशव गुप्ता, संदीप सिंह, नीतीश कुमार सिंह, विजय कुमार गुप्ता, रमेश कुमार, अमरजीत, अमानुल्लाह खान, विनय पांडे, नवीन सिंह, संदीप पटेल, शिवम सिंह, अनुराग श्रीवास्तव, केदारनाथ सिंह, बद्री प्रसाद, अखिलेश कुमार, विकास मिश्रा, संदीप सिंह और पूर्व टीटीआई श्रीराम कृष्ण द्विवेदी प्रमुख थे। 

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