भारत को युद्ध विरोधी रुख अपनाना चाहिए : अखिलेश यादव

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Published By Deepak Mishra
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मुंबई/लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि भारत को अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के खिलाफ रुख अपनाना चाहिए था, क्योंकि इसमें कई महिलाओं और बच्चों की जान गई है और भारत की अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ना शुरू हो गया है। 

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष ने कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शांति का संदेश भेजकर और युद्ध को रोककर ''विश्वगुरु'' बन सकते थे। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''प्रधानमंत्री और भाजपा के पास विश्वगुरु बनने का अवसर है... हमें युद्ध के खिलाफ़ रुख अपनाना चाहिए था। महिलाएं और बच्चे मारे गए हैं, और भारत में युद्ध हमारी अर्थव्यवस्था पर असर डाल रहा है।''

अखिलेश यादव पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख अबू असिम आज़मी द्वारा आयोजित इफ्तार में शामिल होने के लिए मुंबई पहुंचे। उन्होंने कहा कि शांति का संदेश भेजना और उस युद्ध को रोकना आवश्यक है, जिसमें कई लोगों की जान गई है। 

अखिलेश यादव ने कहा, ''ऊर्जा सुरक्षा विदेश नीति से जुड़ी हुई है।'' एलपीजी सिलेंडर की 'कमी' के बीच लोगों के सिलेंडर के लिए कतार में खड़े होने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए, सपा नेता ने कहा, ''एलपीजी 'लापता' गैस बन गई है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही है।'' 

सपा अध्यक्ष ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर झूठ फैलाकर लोगों को बांटने का आरोप लगाते हुए इसे ''अफवाजीवी'' करार दिया। उन्होंने कहा कि यह पार्टी केवल झूठ फैला सकती है, गुमराह कर सकती है और साजिशों में संलिप्त हो सकती है। पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच ईरान और ओमान के बीच स्थित संकरे जलमार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित हुआ है। 

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