सिलेंडर की किल्लत : गैस संकट से कई होटल-रेस्टोरेंट की रसोई पड़ी ठंडी, लकड़ी-कोयले की भट्टियां जलीं 

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। शहर में बने गैस संकट का असर अब रेस्टोरेंट और होटलों की रसोई तक पहुंच गया है। गैस एजेंसियों पर जहां घरेलू उपभोक्ता सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं, वहीं होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को कमर्शियल सिलेंडर महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है। कई संचालकों का कहना है कि 800 से 1000 रुपये तक अधिक कीमत पर सिलेंडर मिलने की वजह से उन्हें खाने के दाम भी बढ़ाने पड़े हैं।

शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र के रेस्टोरेंट संचालक ने बताया कि पहले जहां कॉमर्शियल सिलेंडर समय पर मिल जाता था, वहीं अब एजेंसी पर कई बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मजबूरी में बाजार से महंगे दाम पर गैस लेनी पड़ रही है, जिससे लागत बढ़ गई है। स्टेशन रोड पर रेस्टोरेंट चलाने वाले युवक ने बताया कि गैस न मिलने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। दो दिन से सिलेंडर नहीं मिला तो उन्हें लकड़ी की भट्टी जलानी पड़ी। इससे खाना बनाने में समय भी ज्यादा लग रहा है और मेहनत भी बढ़ गई है। 

इज्जतनगर के होटल संचालक फैसल खान का कहना है कि गैस संकट का सीधा असर ग्राहकों पर पड़ रहा है। कॉमर्शियल सिलेंडर महंगा मिलने से कई खाने की चीजों के दाम बढ़ाने पड़े हैं। ग्राहक भी सवाल कर रहे हैं, लेकिन हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। कुतुबखाना क्षेत्र के रेस्टोरेंट संचालक संजय अग्रवाल ने बताया कि गैस आपूर्ति सामान्य नहीं होने से छोटे रेस्टोरेंटों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। कुछ छोटे ढाबे तो दोपहर में ही बंद कर दे रहे हैं। गैस संकट का असर लकड़ी और कोयले के कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है। लकड़ी व्यापारी नसीम अली ने बताया कि पिछले दो दिनों में होटल और ढाबों से लकड़ी की मांग अचानक बढ़ गई है। कई लोग भट्ठी जलाने के लिए लकड़ी खरीद रहे हैं।

नावल्टी का शमा और राम भरोसे की चाट बंद
शहर में गहराते गैस संकट ने अब आम आदमी की रसोई के साथ-साथ शहर की प्रसिद्ध होटल इंडस्ट्री की कमर तोड़ दी है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर न मिलने से नामी रेस्टोरेंट भी बंद होने लगे हैं। नावल्टी चौराहा स्थित शमा रेस्टोरेंट पिछले चार दिनों से बंद है। रेस्टोरेंट संचालक शादाब ने बताया कि बिना गैस के काम करना काफी मुश्किल है। मजबूरी में लकड़ी का इस्तेमाल किया तो धुएं की वजह से ग्राहकों ने बैठना छोड़ दिया। यही हाल राम भरोसे की प्रसिद्ध चाट की दुकान का भी है। दुकानदार ने बताया कि सिलेंडर न मिलने की वजह से उन्हें दुकान पर ताला लटकाना पड़ा है।

 

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