Uttrakhand: उत्तर भारत के ऐतिहासिक चैती मेले की तैयारियां चरम पर, मां बाल सुंदरी की होगी आराधना
काशीपुर, अमृत विचार। उत्तर भारत का ऐतिहासिक चैती मेला 19 मार्च से शुरू होगा। इसे लेकर मंदिर परिसर में साफ-सफाई और रंगाई-पुताई का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। मां बाल सुंदरी देवी मंदिर के मुख्य पुजारी विकास अग्निहोत्री ने बताया कि चैती मेला प्रथम नवरात्र 19 मार्च से प्रारंभ होगा। 25 मार्च की अर्धरात्रि को मां बाल सुंदरी का डोला नगर मंदिर से चैती मंदिर परिसर पहुंचेगा।
उन्होंने बताया कि मां बाल सुंदरी की प्रतिमा 31 मार्च तक चैती मंदिर में विराजमान रहेंगी। इसके बाद 31 मार्च की अर्धरात्रि को मां का डोला चैती मंदिर से नगर मंदिर ले जाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार मंदिर परिसर में यात्रियों की सुविधा के लिए दो नए यात्री निवास बनाए गए हैं, जहां श्रद्धालु निशुल्क ठहर सकेंगे। इन यात्री निवासों में पंखों सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही मुंडन संस्कार के लिए एक बड़ा हॉल भी तैयार किया जा रहा है, ताकि छोटे बच्चों और उनके परिवारों को भीड़भाड़ से अलग व्यवस्थित स्थान मिल सके। इसके अलावा मंदिर के दक्षिण द्वार के पास श्रद्धालुओं के लिए एक नया प्याऊ बनाया जा रहा है, जिसके लिए करीब 300 फुट गहरा बोर कराया गया है।
टेंडर के बाद शुरू हुआ दुकानों का निर्माण: चैती मेले के लिए दुकानों, झूलों, तमाशों और सर्कस आदि के लिए मेला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मेला परिसर में दुकानों का निर्माण शुरू हो गया है। वहीं झूले, सर्कस और खेल-तमाशे लगाने की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। मेला मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने बताया कि इस बार विद्युत, साउंड, दुकानें, तहबाजारी, झूले, तमाशे और पार्किंग का टेंडर 4 करोड़ 70 लाख 40 हजार रुपये में हुआ है। मेले की तैयारियां तेजी से की जा रही हैं।
आधुनिक मशीनों के कारण संकट में सिलबट्टा कारोबार
कभी सिलबट्टे में पिसे मसालों से खाने का स्वाद लोगों को खूब भाता था, लेकिन आधुनिक युग में अब इक्का-दुक्का लोग ही सिलबट्टे का प्रयोग कर रहे हैं। ऐसे में आधुनिक मशीनों के आने से सिलबट्टे का कारोबार संकट में पड़ गया है। पिछले सौ वर्षों से चैती मेले में पहुंच रहे मुरादाबाद निवासी राजेंद्र का परिवार सिलबट्टे समेत अन्य पत्थर की वस्तुएं बनाता है। राजेंद्र ने बताया कि उनके पूर्वजों के बाद वह स्वयं करीब 60 वर्षों से चैती मेले में अपने परिवार के साथ दुकान लगा रहे हैं। हर साल मेले में दुकान का किराया बढ़ रहा है, लेकिन उतना मुनाफा नहीं हो पाता कि परिवार का भरण-पोषण ठीक से हो सके। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 से पहले दुकानों का किराया करीब दो से पांच हजार रुपये था, जो अब बढ़कर करीब 40 हजार रुपये हो गया है। आधुनिक मशीनों के कारण सिलबट्टे का कारोबार लगभग चौपट हो गया है। उन्होंने बताया कि वह सिलबट्टे के साथ मार्बल के चकले, दवाई पीसने के खरल समेत अन्य वस्तुएं बनाते हैं। इसके लिए वह राजस्थान से पत्थर मंगाते हैं। पहले वह प्रतिदिन करीब एक हजार रुपये कमा लेते थे, लेकिन अब दुकान का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है।
एसपी क्राइम ने चैती मेले में सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
काशीपुर। चैती मेले के दौरान शांति व सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए एसपी क्राइम जितेंद्र चौधरी ने कोतवाली काशीपुर प्रभारी हरेंद्र चौधरी, कोतवाली आईटीआई प्रभारी रवि सैनी के साथ मेला परिसर व मंदिर परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। एसपी क्राइम ने मेला परिसर में लगने वाली दुकानों के बीच के रास्तों, खेल-तमाशा क्षेत्र के रास्तों के साथ मंदिर के अंदर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के रास्ते को देखा। साथ ही डोला के दौरान भीड़ अधिक होने लगने वाली कतार की बैरिकेडिंग कराने के अधीनस्थों को निर्देश दिए। साथ ही मंदिर व मेला परिसर को सीसीटीवी कैमरे की नजर में रखने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी भी अराजक तत्व व जहरखुरानी, पॉकेट गिरोह, छेड़छाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मेले के दौरान सिविल ड्रेस में महिला-पुरुष की फोर्स को भी जगह-जगह तैनात किया जाए।
चिकित्सा शिविर 22 से
काशीपुर: उदयराज हिंदू इंटर कॉलेज में रेडक्रॉस सोसाइटी काशीपुर शाखा के तत्वावधान में चैती मेला परिसर में निशुल्क रेडक्रॉस चिकित्सा शिविर लगाए जाने को लेकर पदाधिकारियों की बैठक हुई। रेडक्रॉस सचिव अरुण पंत ने बताया कि 15 दिवसीय निशुल्क चिकित्सा शिविर का शुभारंभ 22 मार्च को शाम चार बजे किया जाएगा। शिविर के संचालन के लिए विभिन्न समितियां गठित कर दी गई हैं।
महापौर व विधायक ने मुख्यमंत्री को दिया निमंत्रण
काशीपुर: जसपुर के कांग्रेस विधायक आदेश चौहान के पुत्र के विवाह समारोह के बाद नवदंपति को आशीर्वाद देने पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का काशीपुर के विधायक त्रिलोक सिंह चीमा और महापौर दीपक बाली ने हेलीपैड पर स्वागत किया और उन्हें 19 मार्च से शुरू होने जा रहे उत्तर भारत के प्रसिद्ध चैती मेले में आने का निमंत्रण दिया। महापौर दीपक बाली ने कहा कि चैती मेला काशीपुर की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण उत्सव है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के आगमन से मेले की गरिमा और बढ़ेगी।
इस साल मेले में पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगी पॉलीथिन
मेला प्रशासन ने इस बार मेले में पॉलीथिन को पूरी तरह प्रतिबंधित किया है। मेला मजिस्ट्रेट अभय प्रताप सिंह ने बताया कि मेला परिसर की नियमित सफाई की व्यवस्था की गई है। धूल न उड़ने के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव भी किया जाएगा। पॉलीथिन के उपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।
मेले में तैनात रहेंगे फायर कर्मी
