Uttrakhand: रसोई गैस की भी मारामार, हल्द्धानी में हाहाकार, इंडेन गैस की ऑनलाइन व ऑफलाइन बुकिंग बंद
हल्द्वानी, अमृत विचार। इंडेन गैस की ऑनलाइन व ऑफलाइन बुकिंग ठप हो गई है। एसडीएमएस पोर्टल भी ठंडा पड़ गया है। ऐसे में अगर रसोई गैस खत्म हो जाती है तो सिलेंडर नहीं मिलेगा। खुद गैस एजेंसी भी किसी प्रकार से सिलेंडर की आपूर्ति नहीं कर पाएगी।
कुमाऊं मंडल विकास निगम की हल्द्वानी गैस सर्विस कुमाऊं के सबसे बडें शहर की सबसे बड़ी गैस एजेंसी है। इसके 30 हजार उपभोक्ता हैं, जिन्हें रसोई गैस की आपूर्ति की जाती है। केंद्र की गाइड लाइन के बाद इंडेन ने बीती नौ मार्च से होटल, रेस्टोरेंट्स, इंडस्ट्री में कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी थी।
अब कॉमर्शियल के बाद घरेलू गैस सिलेंडर आपूर्ति में भी दिक्कत हो गई है। इंडेन गैस की ऑनलाइन व ऑफ लाइन बुकिंग बंद हो गई है। लोग सुबह से ही बुकिंग के लिए मोबाइल नंबर पर कॉल कर रहे हैं लेकिन बुकिंग नहीं हो रही है।
इसके बाद लोग कुमाऊं मंडल विकास निगम के शॉपिंग काम्पलेक्स स्थित हल्द्वानी गैस सर्विस के ऑफिस बुकिंग के लिए पहुंचें तो पता चला कि इंडेन का पोर्टल ही धड़ाम हो गया है। इस वजह से ऑफलाइन बुकिंग भी नहीं हो सकती है। सब कुछ डिजिटल होने से कोई काम नहीं हो पा रहा है। गैस एजेंसी कर्मी भी पोर्टल धड़ाम होने का हवाला देते हुए हाथ खड़े कर दे रहे हैं ऐसे में उपभोक्ता यहां-वहां चक्कर काट रहा है।
चार दिनों का 2500 से ज्यादा का है बैकलॉग
हल्द्वानी: गैस एजेंसी से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले चार दिनों से आपूर्ति पेंडिंग है इस वजह से 2500 से ज्यादा का बैकलॉग हो गया है। अब यदि बुकिंग भी शुरू होती है तो सबसे पहले इन बैकलॉग को पूरा किया जाएगा। ऐसे में सिलेंडर खत्म होने पर रसोई गैस के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।
25 दिन बाद ही होगी बुकिंग, सात दिन बाद मिलेगी गैस
हल्द्वानी: केंद्र की गाइडलाइन के बाद बुकिंग के नियमों भी बदलाव किया गया है। अंतिम बार सिलेंडर डिलीवरी के 25 दिन बाद ही बुकिंग होगी। यदि बैकलॉग नहीं होता है तो सात दिनों बाद डिलीवरी होगी। रसोई गैस के इस वैश्विक संकट में गैस मिलना किसी चुनौती से कम नहीं है।
पोर्टल चल नहीं रहा, दे भी दें कैसे सिलेंडर
हल्द्वानी : सूत्रों की मानें तो इंडेन गैस एजेंसी का पोर्टल धड़ाम होने से गैस आपूर्ति का संकट गहरा गया है। यदि गोदाम में सिलेंडर भी हैं तो बुकिंग की कोई डिटेल एजेंसी तक नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे में यदि किसी ने एक-दो दिनों में सिलेंडर की बुकिंग की होगी तो पोर्टल पर डेटा नहीं आएगा जिस वजह से एजेंसी संचालक सिलेंडर होने के बाद भी नहीं दे सकेंगे।
केवाईसी, नए कनेक्शन, ट्रांसफर वगैरह कामकाज ठप
इंडेन गैस का एसडीएमएस पोर्टल बंद होने से केवाईसी, नए कनेक्शन, छोटू सिलेंडर कनेक्शन और ट्रांसफर वगैरह सब बंद हो गए हैं। ऐसे में वे लोग जो गैस कनेक्शन ट्रांसफर कराना चाहते हैं, उन्हें भी भारी दिक्कत हो रही है। एजेंसी कर्मियों का कहना है कि ऑनलाइन के बाद जब पोर्टल शुरू होगा तभी कुछ काम हो सकेगा।
ऑन द डे डिलीवरी भी बंद
हल्द्वानी : कमर्शियल सिलेंडर के बाद अब नए कॉमर्शियल कनेक्शन भी बंद कर दिए गए हैं। भारत गैस एजेंसी के अनुसार, सिलेंडर बुक होने के बाद दो दिन के अंदर सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है हालांकि पहले अगर कोई रात को सिलेंडर बुक कराता था तो उसे अगली सुबह ही सिलेंडर मिल जाता था। लोगों का यह भी कहना है कि सिलेंडर वाली गाड़ियों की आवाजाही भी कम कर दी गई है। इस वजह से परेशानी और भी बढ़ गई हैं।
वृंदावन विहार निवासी जगदीश सिंह रावत ने बताया कि रसोई गैस की फोन से बुकिंग नहीं हो रही थी। सोचा गैस ऑफिस आकर बुकिंग करा दें लेकिन यहां भी पोर्टल नहीं चल रहा है। अब पता नहीं गैस की बुकिंग कब होगी और कब सिलेंडर मिलेगा।
कुसुमखेड़ा निवासी राजेंद्र सिंह ने बताया कि पहले जिस नंबर पर बुकिंग होती थी, वह नंबर नहीं लग रहा है। अब गैस एजेंसी से दूसरा नंबर लिया था। उनका कहना था कि जब मिस्ड कॉल होगी तो खुद ही गैस बुक हो जाएगी लेकिन दूसरा नंबर भी नहीं लग रहा है। ऑफिस में भी बुकिंग नहीं हो रही है। सिलेंडर कभी भी खत्म हो सकता है, पता नहीं कैसे सिलेंडर मिलेगा।
पीएस मेहरा निवासी शीशमहल ने बताया किगैस की किताब लेकर पहले शीशमहल स्थित प्लांट गया। वहां से गैस ऑफिस भेज दिया गया। यहां बताया जा रहा है कि पोर्टल बंद है। एक नंबर दे दिया है जो लग नहीं रहा है। सुबह से फोन लगा रहे हैं लेकिन गैस बुक नहीं हो रही है।
सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी एपी बाजपेयी ने बताया कि घरेलू गैस पर्याप्त मात्रा है। इंडेन गैस का एसडीएमएस पोर्टल तकनीकी कारणों से बंद होने की वजह से दिक्कतें आ रही हैं। इस बाबत केएमवीएन व इंडेन के अधिकारियों से वार्ता की गई है। जल्द ही तकनीकी कमियां दूर कर बुकिंग फिर से शुरू की जाएगी।
किसी मिठाई बनाना बंद की तो किसी ने चाय, कई ने बदल दिया मेन्यू
कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने का असर अब मिठास व मेन्यू पर भी दिखाई देने लगा है। किसी ने मिठाई बनाना बंद कर दी है तो किसी ने चाय-कॉफी बनाना ही बंद कर दिया है।
शहर में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने का असर अब प्रतिष्ठित मिठाई की दुकानों व रेस्टोरेंट्स पर दिखाई देने लगा है। बीकानेरवाला रेस्टोरेंट ने मिठाइयां, डोसा, आलू की टिक्की, चाइनीज व्यंजन समेत ऐसे व्यंजन जिसमें कुकिंग गैस ज्यादा लगती है, उनको पकाना बनाना बंद कर दिया है।
इसी तरह से दाल भात रेस्टोरेंट में भी इंडक्शन पर ही चाय-कॉफी पकाई जा रही है। वहीं, मोती महल रेस्टोरेंट ने भी मेन्यू में बदलाव कर दिया है। उन्होंने नए मेन्यू में तंदूरी आइटम, वेज व ग्रिल्ड सैंडविच समेत ऐसे व्यंजन जोड़ दिए हैं जिन्हें पकाने में कुकिंग गैस की जरूरत नहीं होती है। अमूमन चाइनीज आइटम स्प्रिंग रोल, चिली पनीर जैसे आइटम के ऑर्डर लेना बंद कर दिए हैं। वहीं, ज्यादातर रेस्टोरेंट्स अब इंडक्शन, इलेक्ट्रॉनिक बर्नर, भट्ठियां मंगाना शुरू कर दिया है ताकि यदि वैश्विक संकट गहराता है तो कारोबार ज्यादा प्रभावित नहीं हो।
कॉमर्शियल सिलेंडर का तीन-चार दिन का ही स्टॉक है। एहतियातन चाइनीज आइटम व आलू टिक्की, डोसा वगैरह नहीं बना रहे हैं। मिठाई बनाना भी बंद कर दिया है। हमने दिल्ली से चार बड़े इंडक्शन चूल्हे मंगाए है। अब सिर्फ रेस्टोरेंट ही संचालित होगा जबकि मिठाई का काउंटर बंद कर दिया है। ऐसे इंडक्शन जिसमें तंदूर चल सकता है, उसको भी मंगा रहे हैं। वीरेंद्र सिंह बिष्ट, स्वामी बीकानेरवाला स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट
कॉमर्शियल सिलेंडर आपूर्ति पर प्रतिबंध के बाद हमने होटल की मेन्यू में बदलाव कर दिया है। चाइनीज व ऐसे आइटम जिसमें गैस ज्यादा लगती है उन्हें मेन्यू से बाहर कर दिया है। मेन्यू में तंदूर, वेज सैंडविच या ऐसे आइटम जिनमें गैस का इस्तेमाल नहीं होता है उन्हें शामिल किया गया है। कोयला वगैरह का स्टॉक कर लिया है। योजना है कि भट्ठियों पर शिफ्ट हो जाएं ताकि किल्लत दूर होने तक काम प्रभावित नहीं हो। अमन सिंह, स्वामी मोतीमहल रेस्टोरेंट
अमूमन चाइनीज आइटम की डिमांड ज्यादा होती है लेकिन कॉमर्शियल सिलेंडर पर रोक के बाद इनको बंद कर दिया है। मेन्यू में तंदूर, बिना गैस से बनने वाले व्यंजन ही लिए जा रहे हैं। ऑनलाइन ऑर्डर भी नहीं लेने पर विचार किया जा रहा है। अभय नेगी, स्वामी कैफे-18 रेस्टोरेंट
कोयले के दामों में लगी ‘आग’एक ही दिन में 7 रुपये का इजाफा
कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने से पूर्व कोयला बाजार में 33 रुपये प्रति किलो बिक रहा था। जैसे ही सिलेंडर पर रोक लगी और होटल-रेस्टोरेंट्स वालों ने भट्ठियों के ऑर्डर देना शुरू किया वैसे ही कोयले के दामों में भी बढ़ोत्तरी हो गई है। कोयला अब 40 रुपये प्रति किग्रा बिक रहा है, यदि गैस संकट गहराता है तो इसकी कीमतों में आगे भी वृद्धि के आसार है। हालांकि प्रशासन कोयले की कालाबाजारी व जमाखोरी रोकने को लेकर प्रयासरत है।
