चारधाम यात्रा में  गैर सनातनी का प्रवेश वर्जित, मंदिर समिति की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी

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Published By Anjali Singh
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देहरादून। उत्तराखंड के बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में इस वर्ष से गैर सनातनी का प्रवेश वर्जित रहेगा। मंदिर समिति के एक पदाधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। 

द्विवेदी ने बताया कि यह निर्णय अगले माह शुरू हो रही यात्रा से लागू होगा और अब गैर सनातनी, मंदिर परिसरों और गर्भगृहों में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इससे पहले, उन्होंने कहा था कि गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की व्यवस्था आदि शंकराचार्य के समय से ही है और भारतीय संविधान भी धार्मिक स्थलों के प्रबंधन का अधिकार देता है।

द्विवेदी ने कहा, ''बदरीनाथ और केदारनाथ धाम कोई पर्यटक स्थल नहीं बल्कि आस्था के केंद्र हैं। ये वैदिक केंद्र हैं जिनकी स्थापना आदि शंकराचार्य ने की थी। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 26 प्रत्येक संप्रदाय को अपने धार्मिक मामलों का प्रबंधन करने का अधिकार देता है।'' 

बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल और केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे। चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पर्व से होगी, जब गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। 

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