विधानसभा में सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला : महिला सुरक्षा और आरक्षण पर घेरा, गेस्ट हाउस कांड का भी किया उल्लेख
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जोरदार हमला बोलते हुए महिला सुरक्षा, सम्मान और आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को कठघरे में खड़ा किया। मुख्यमंत्री ने 1995 के गेस्ट हाउस कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश की पहली दलित मुख्यमंत्री मायावती के साथ जो हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने उस समय बसपा नेता का समर्थन किया और दलित बेटी के सम्मान की रक्षा की। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी ने अपनी जान जोखिम में डालकर मायावती को सुरक्षित किया था। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2014 के बदायूं कांड का जिक्र करते हुए कहा कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा, लेकिन उस समय की सरकार ने महिलाओं के सम्मान को बढ़ावा देने के बजाय उसे हतोत्साहित किया।
उन्होंने 2016 के बुलंदशहर गैंगरेप कांड सहित अन्य घटनाओं का भी उल्लेख किया। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने शाह बानो केस का हवाला दिया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद कांग्रेस ने दबाव में आकर महिला को न्याय नहीं दिया। उन्होंने कहा कि तीन तलाक के मुद्दे पर भी विपक्ष का रवैया महिला विरोधी रहा है।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके नेताओं के कई बयान महिलाओं के प्रति असंवेदनशील रहे हैं। उन्होंने आजम खान समेत अन्य नेताओं के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे उनकी सोच उजागर होती है। उन्होंने यह भी कहा कि पूजा पाल जैसे उदाहरण बताते हैं कि किस तरह अपराधियों के सामने विपक्ष नतमस्तक रहा। उन्होंने बदायूं, बुलंदशहर, चिनहट और सुल्तानपुर जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं, पिछड़ों और दलितों के प्रति विपक्ष की संवेदनशीलता केवल दिखावटी है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके आचरण को देखकर "गिरगिट भी सकुचा जाए", क्योंकि वे समय और स्थान के अनुसार अपना रुख बदलते रहते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संसद में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का समर्थन किया गया, तो विधानसभा में उसका विरोध क्यों किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी के अधिकारों और सम्मान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
