राहुल गांधी मानहानि मामले में सुनवाई टली: अब 13 अप्रैल को अगली हियरिंग, छुट्टी की वजह से बढ़ाई है डेट
हाथरस। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व सांसद राहुल गांधी के खिलाफ हाथरस में दर्ज मानहानि मामले में अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी। हाथरस के बूलगढ़ी प्रकरण में दोषमुक्त हो चुके युवकों को आरोपी बताने के मामले में न्यायाधीश दीपकनाथ सरस्वती की एमपी, एमएलए अदालत में यह वाद दायर किया गया है। इस मामले में सोमवार को सुनवाई होनी थी लेकिन अदालत के आज छुट्टी पर होने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। उधर राहुल गांधी के वकीलों ने इस मामले में आपत्ति पत्र दाखिल किया है।
राहुल गांधी की ओर से पैरवी करने आए अधिवक्ता आलोक चंद्रा ने बताया है कि सोमवार को उन्होंने आपत्ति दाखिल की है, जिसकी प्रति वादी पक्ष के अधिवक्ता को भी दी गई है। उन्होंने कहा कि मामले में 13 अप्रैल को अगली सुनवाई होगी। सांसद-विधायक अदालत में दाखिल शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 'हाथरस सामूहिक बलात्कार' मामले में आरोपियों के रूप में तीन युवकों का जिक्र करके मानहानिकारक टिप्पणी की, जबकि उन्हें बलात्कार के आरोपों से बरी कर दिया गया था।
वर्ष 2020 के हाथरस सामूहिक बलात्कार मामले में बरी किए गए रवि, राम कुमार उर्फ रामू और लवकुश ने गांधी के खिलाफ तीन अलग-अलग मामले दर्ज कराए थे। गांधी ने 12 दिसंबर, 2024 को बुलगढ़ी गांव में कथित तौर पर कहा था, ''आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि पीड़िता का परिवार घर के अंदर बंद है।''
प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंढीर ने बताया था कि यह टिप्पणी उन युवकों के लिए 'मानहानिकारक और अपमानजनक' थीं, जिन्हें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की अदालत ने ढाई साल जेल में बिताने के बाद बरी कर दिया था। पुंढीर ने कहा, ''राहुल गांधी को डेढ़ करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति का कानूनी नोटिस भेजा गया था। तीनों बरी किए गए लोगों के लिए 50-50 लाख रुपये की मांग की गई थी।'' सितंबर 2020 में हाथरस की एक दलित लड़की से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया था। बाद में दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
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