Bareilly: ऐतिहासिक...बीडीए के 3329 करोड़ के बजट प्रस्ताव पर मुहर

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Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। जिले में औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतारने के लिए सोमवार को बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की 94 वीं बोर्ड बैठक में विकास का नया अध्याय लिखा गया। मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बीडीए के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा 3329.09 करोड़ रुपये का बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस बजट का मुख्य आकर्षण दिल्ली हाईवे से सटी 126.30 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित ''न्यू इंडस्ट्रियल टाउनशिप'' है।

महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए रहपुरा जागीर समेत चार गांवों के 600 से अधिक किसानों से आपसी सहमति के आधार पर भूमि क्रय की जाएगी। यह टाउनशिप न केवल बरेली के समग्र औद्योगिक विकास को गति देगी, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार के द्वार भी खोलेगी।प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपनी आर्थिक स्थिति और विकास की रूपरेखा भी स्पष्ट कर दी है। बीडीए ने आगामी वर्ष के लिए 3329.09 करोड़ रुपये की प्राप्तियों का लक्ष्य रखा है। खर्च के मोर्चे पर, पीलीभीत टाउनशिप और नई औद्योगिक टाउनशिप के लिए भूमि क्रय करने, निर्माण कार्यों और कर्मचारियों के वेतन आदि पर कुल 2493.53 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इसमें कुल बजट में से 1498 करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा केवल दोनों टाउनशिप के लिए भूमि खरीदने में व्यय होगा। मंडलायुक्त ने बजट प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकन्डन ए. ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण अपनी संपत्तियों के निस्तारण और अन्य स्रोतों से बजट में प्रस्तावित राजस्व को प्राप्त करेगा। खास बात यह रही कि बोर्ड सदस्य राजेश अग्रवाल के सुझाव पर इंडस्ट्रियल टाउनशिप में केवल कारखाने ही नहीं, बल्कि कम्युनिटी सेंटर, अस्पताल, स्कूल और बरातघर जैसी सार्वजनिक सुविधाओं को भी अनिवार्य रूप से विकसित करने पर सहमति बनी है। प्रशासनिक स्तर पर बोर्ड ने कड़े फैसले लेते हुए प्राधिकरण की कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। इसके तहत शासन की मंशा के अनुरूप मानचित्र पास कराने हेतु विकास शुल्क को 1450 रुपये से बढ़ाकर 1510 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने के प्रस्ताव को अंगीकृत कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार इस ऐतिहासिक बजट और नई योजनाओं की मंजूरी से साफ है बरेली अब केवल ''झुमके'' के लिए नहीं, बल्कि अपनी ''इंडस्ट्रियल टाउनशिप'' और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पहचाना जाएगा। आने वाले दिनों में पीलीभीत रोड और दिल्ली हाईवे के किनारे विकास की नई इबारत लिखी जानी तय है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, पार्षद शालिनी वर्मा, पूनम, उमेश कठेरिया, समेत विभिन्न विभागों के अफसर मौजूद रहे।

नई नियुक्तियों को हरी झंडी, पुराने चेहरों की छुट्टी
बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की बोर्ड बैठक में तकनीकी कार्यों को गति देने के लिए बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। प्राधिकरण में रिक्त पदों को भरने के लिए पांच सहायक अभियंता और दस अवर अभियंताओं को आउटसोर्स पर नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है, जबकि कंप्यूटर ऑपरेटरों का मानदेय बढ़ाकर उन्हें तोहफा दिया गया। हालांकि, कार्य संस्कृति में सुधार के उद्देश्य से 65 वर्ष की आयु पार कर चुके दो जेई, केपी सिंह और वीपी यादव के सेवा विस्तार प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मंडलायुक्त ने सेवानिवृत्त तहसीलदार और लेखपालों की नियुक्ति में दूसरे जनपदों के लोगों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

रोजगार का नया हब बनेगा बरेली
बीडीए की नई इंडस्ट्रियल टाउनशिप परियोजना जिले को एक बड़े औद्योगिक हब के रूप में उभरेगी। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकन्डन ए. ने स्पष्ट किया कि फतेहगंज पश्चिमी और रहपुरा जागीर जैसे चार प्रमुख गांवों के 600 किसानों से 126.30 हेक्टेयर जमीन सीधे खरीदी जाएगी। किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए उन्हें सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। इस जमीन पर वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के बाद उद्यमियों और आम जनता को प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। बीडीए का यह मास्टर स्ट्रोक न केवल निवेश को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए ''घर के पास रोजगार'' का सपना भी सच करेगा, जिससे शहर के समग्र आर्थिक ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

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