लखनऊ में बड़ी घटना : एक ही परिवार के 3 लोगों ने खाया जहर, मां-बेटे की मौत, पिता गंभीर
लखनऊ, अमृत विचार : राजधानी लखनऊ में बीती रात एक बड़ी घटना हुई है, यहां नींवा गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों ने जहर खा लिया। जिसके बाद मां और बेटे की मौत हो गई। वहीं पिता की हालत गंभीर बतायी जा रही है, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
दरअसल, राजधानी स्थित बंथरा के नीवां गांव का है, बताया जा रहा है कि परिवार आर्थिक तंगी से परेशान था, जिसके कारण परिवार ने जहरीला पदार्थ खा लिया। जहरीला पदार्थ खाने से रुपनारायण चौरसिया, उनकी पत्नी तारावती और बेटे संदीप की हालत बिगड़ गई। आनन-फानन सभी को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां तारावती और संदीप की मौत हो गई। सूचना मिलते ही मौके पर एसीपी कृष्णानगर, इंस्पेक्टर बंथरा की टीम पहुंच गई। जांच शुरू कर दिया है। वहीं, मौके पर एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है। शुरूआती जांच में कर्ज से परेशान होने की बात सामने आई है। संदीप के जेब से सुसाइड नोट मिला है। जिसकी जांच की जा रही है।
मृतक संदीप की जेब से मिला सुसाइड नोट
जांच में पुलिस को मृतक संदीप की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें लिखा है कि अपनी मौत के जिम्मेदार हम हैं । हालांकि, इस घटना की असल वजह अब तक साफ नहीं हो पाई है। वहीं कुछ लोग घर के बाहर किसी तरह के पर्चे चिपके होने की बात भी बता रहे हैं, लेकिन वह पर्चे अब वहां नहीं हैं, वह फट चुके हैं। इस पर क्या लिखा था, यह कोई नहीं बता पा रहा है। पुलिस के मुताबिक दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं मामले की जांच की जा रही है।
जानिये बेटे ने क्या कहा
बंथरा के नीवा गांव निवासी रूप नारायण चौरसिया (55) बंथरा के कानपुर रोड स्थित कटी बगिया में चाय पान की दुकान चलते हैं। परिवार में उनकी पत्नी तारावती (52), दो अविवाहित बेटे संदीप (30) और कुलदीप (25) के अलावा दो विवाहित बेटियां रुचि और ज्योति हैं। बताते हैं कि गुरुवार शाम छोटा बेटा कुलदीप घर पर था। तभी अपनी दुकान से रूप नारायण, तारावती और संदीप घर पहुंचे। जहां कुलदीप ने उनसे खाना खाने को कहा। लेकिन तीनों ने कहा कि वह होटल से खाना खाकर आए हैं। इस पर कुलदीप खाना खाकर घर के बरामदे में सो गया, जबकि रूपनारायण, तारावती और संदीप अंदर एक कमरे में सो गए।
कुलदीप ने बताया कि शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे उसकी नींद खुली तो कमरे का दरवाजा खुला होने के साथ उसके पिता को तेज उल्टियां हो रही थी। इस पर कुलदीप कमरे के अंदर पहुंचा तो मां तारावती और भाई संदीप अचेत हालात में पड़े मिले। यह दृश्य देखकर कुलदीप घबरा गया और उसने पड़ोस में पहुंचकर अपने चाचा तेज नारायण को इसकी सूचना दी। सूचना के बाद तेज नारायण पहुंचे तो तारावती और संदीप मृत पड़े मिले। उनके मुंह से झाग निकल रहा था। इस पर तेज नारायण ने प्रधान को सूचना दी और रूप नारायण को आनन-फानन कानपुर रोड स्थित प्रसाद हॉस्पिटल पहुंचाया। उधर प्रधान के माध्यम से घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण करने के साथ दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं अस्पताल में रूपनारायण की हालत नाजुक बताई जा रही है। उधर ग्रामीणों में चर्चा है कि रूपनारायण ने किसी बैंक से लोन ले रखा था, जिसे वह चुका नहीं पा रहे थे। इसको लेकर बैंक द्वारा बराबर नोटिस दी जा रही थी। जिससे परेशान होकर उन्होंने परिवार सहित जहर खाया है।
दरवाजे पर चस्पा नोटिस की कहानी
रूपनारायण के दरवाजे पर पांच पेज की एक नोटिस भी चस्पा मिली है, जो पूरी तरह फटी हुई पाई गई। हालाकि उसमें सिर्फ शिवाजीनगर, पुणे, मुंबई पढ़ने में आ रहा है। यह नोटिस 3 दिन पहले ही चस्पा की गई बताई जा रही है। वहीं ग्रामीणों में चर्चा है कि 10 -12 दिन पहले एक व्यक्ति उनके घर आया था, जोखुद को पेटीएम का कर्मचारी बता रहा था। उसने लोगों को बताया था कि रूपनारायण ने लोन लिया था, लेकिन फोन नहीं रिसीव कर रहे थे। उस व्यक्ति ने उनके घर जाकर क्या बातचीत की, इसके बारे में सही जानकारी नहीं हो सकी है। उधर बंथरा थाना प्रभारी निरीक्षक राणा राजेश सिंह का कहना है कि शुरुआती जांच में आर्थिक तंगी से परेशान होकर जहर खाकर आत्महत्या का मामला पता चला है।
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