फंक्शनल फूड्स की ताकत से कई रोगों पर लगाम! LU के दो प्रोफेसर्स की वैश्विक किताब प्रकाशित, नैनो टेक्नोलॉजी से खाद्य सुरक्षा में नई क्रांति

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: फंक्शनल फूड्स कहा जाने वाला जई का दलिया और आटा स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। इससे बनी निर्मित दलिया, अनाज, ब्रेड, फलों के जैम, प्रोसेस्ड सॉस कई रोगों से लड़ने में सक्षम हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रदीप कुमार और जैव रसायन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मधु कामले की इस विषय पर पुस्तक को वैश्विक स्तर पर एल्सेवियर अकादमिक प्रेस ने प्रकाशित किया गया है।

आस्ट्रेलिया डीयाकिन विश्वविद्यालय के प्रख्यात फूड साइंटिस्ट दिपेंद्र कुमार महतो के साथ मिलकर लखनऊ विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने पुस्तक तैयार की है। पुस्तक खाद्य विज्ञान, पोषण, जैव प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञों के उच्च स्तरीय शोध और अनुभवों को एकसाथ प्रस्तुत करती है। पुस्तक फंक्शनल फूड्स, न्यूट्रास्यूटिकल्स, बायोएक्टिव यौगिकों और आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों पर केंद्रित है, जो मानव स्वास्थ्य सुधार और रोगों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बॉयोएक्टिव घटकों का अध्ययन

पुस्तक में कई उभरते हुए और नवोन्मेषी शोध क्षेत्रों पर लिखा गया है। जिसमें खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले बायोएक्टिव घटकों का अध्ययन, आंतों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स की भूमिका, टिकाऊ वैकल्पिक प्रोटीन स्रोत के रूप में कीट-आधारित प्रोटीन के विकास जैसे विषय शामिल हैं।

नैनो तकनीक पर भी चर्चा

प्लांट-बेस्ड फूड विकल्प, मोटे अनाज आधारित फंक्शनल फूड्स और पोषक तत्वों की डिलीवरी और खाद्य सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए फूड सिस्टम में नैनो टेक्नोलॉजी के उपयोग पर भी चर्चा की गई है। इसके अतिरिक्त, पोषक तत्वों की जैव उपलब्धता व अगली पीढ़ी के फंक्शनल फूड्स के विकास के लिए टिकाऊ रणनीतियों से जुड़े शोध को भी इसमें शामिल किया गया है।

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