योगी सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत, गेहूं खरीद पर बढ़ायी MSP, सोलर सिटी और कोल ब्लॉक खरीद को मंजूरी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक का सबसे अहम फैसला किसानों के हित में लिया गया, जिसमें सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी दी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों, ऊर्जा और निवेश से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट बैठक में कुल 37 प्रस्ताव लाए गए, जिनमें से 2 प्रस्ताव स्थगित कर दिए गए। इनमें चीनी उद्योग और लखीमपुर खीरी से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। उन्होंने बताया कि गेहूं खरीद मार्च से 15 जून तक की जाएगी। राज्य के सभी 75 जिलों में 6500 क्रय केंद्र बनाए जाएंगे और 8 एजेंसियों के माध्यम से खरीद होगी।
इन एजेंसियों में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई), यूपी मंडी परिषद, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, नैफेड और एनसीसीएफ शामिल हैं। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि सरकार ने दुमका (झारखंड) में 2242.90 करोड़ रुपये में कोल ब्लॉक खरीदा है। इससे घाटमपुर स्थित 660 मेगावाट की तीन यूनिटों को कोयला मिलेगा। उन्होंने कहा कि अभी कोयला दूर से मंगाना पड़ता है, लेकिन झारखंड से आपूर्ति होने पर बिजली उत्पादन सस्ता होगा और उपभोक्ताओं को करीब 80 पैसे प्रति यूनिट तक सस्ती बिजली मिल सकेगी। राज्य सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नई नीति को मंजूरी दी है।
अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि सभी नगर निगमों को भी सोलर सिटी बनाने की योजना है। इसके अलावा गोरखपुर के चिलुआ ताल में सोलर प्लांट लगाया जाएगा, जिसे कोल इंडिया लिमिटेड स्थापित करेगी। इसके लिए सरकार ने 80 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि निजी बिजनेस पार्क निर्माण योजना को मंजूरी दी गई है, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही संभल में इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक सेंटर विकसित किया जाएगा, जिसे निवेशकों को सौंपा जाएगा। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से उत्तर प्रदेश में कृषि, ऊर्जा और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
बैठक में कुल 37 प्रस्ताव प्रस्तुत
बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने संयुक्त रूप से निर्णयों की जानकारी दी। कैबिनेट बैठक में कुल 37 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से दो प्रस्तावों को फिलहाल स्थगित कर दिया गया और 35 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी
बैठक का सबसे अहम फैसला किसानों के हित में लिया गया, जिसमें सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी दी। इस निर्णय से किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इस बढ़ोतरी से कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय में इजाफा होगा।
खासतौर पर उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। कैबिनेट के अन्य प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई, जिनमें विभिन्न विभागों से जुड़े विकास कार्य शामिल हैं। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी स्वीकृत प्रस्तावों को तय समय सीमा में लागू किया जाए।
